{"_id":"5c07d63fbdec22414f5788f8","slug":"chairmen-of-both-the-houses-of-parliament-convened-all-party-meetings","type":"story","status":"publish","title_hn":"संसद के दोनों सदनों के अध्यक्षों ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, 11 दिसंबर से 8 जनवरी तक चलेगा सत्र","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
संसद के दोनों सदनों के अध्यक्षों ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, 11 दिसंबर से 8 जनवरी तक चलेगा सत्र
भाषा, नई दिल्ली
Updated Wed, 05 Dec 2018 07:14 PM IST
विज्ञापन
Sumitra Mahajan
संसद के 11 दिसंबर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र में निचले सदन के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने इसी दिन सर्वदलीय बैठक बुलाई है। संसद का शीतकालीन सत्र 11 दिसंबर से शुरू होकर आठ जनवरी तक चलेगा और 2019 में होने वाले आम चुनावों के पहले का यह पूरी अवधि वाला अंतिम सत्र होगा।
इसी दिन पांच राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम विधानसभाओं के चुनाव परिणाम भी आयेंगे। राज्यसभा के सभापति एम वैंकेया नायडू ने भी उच्च सदन में सुचारू रूप काम काज चलाने के उद्देश्य से 10 दिसंबर को सभी दलों की बैठक बुलाई है। सरकार ने भी दस दिसंबर को सभी दलों की एक और बैठक बुलाई है। इन तीनों बैठकों का उद्देश्य ऐसे मुद्दों पर सर्वसम्मति बनाना है जिनके इस सत्र में उठाये जाने की संभावना है।
सरकार इस सत्र में राज्यसभा में अटके एक साथ ‘तीन तलाक’ वाला विधेयक पारित करवाने का प्रयास करेगी। इस पर रोक लगाने के मकसद से एक अध्यादेश लाकर एक साथ तीन बार तलाक को दंडनीय अपराध बना दिया गया था। सरकार को सदन में घेरने के लिए विपक्ष के पास यह अंतिम अवसर है और इस सत्र के लिए उसके पास राफेल सौदा, खेती किसानी के संकट और सीबीआई की कार्यप्रणाली जैसे मुद्दे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसी दिन पांच राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम विधानसभाओं के चुनाव परिणाम भी आयेंगे। राज्यसभा के सभापति एम वैंकेया नायडू ने भी उच्च सदन में सुचारू रूप काम काज चलाने के उद्देश्य से 10 दिसंबर को सभी दलों की बैठक बुलाई है। सरकार ने भी दस दिसंबर को सभी दलों की एक और बैठक बुलाई है। इन तीनों बैठकों का उद्देश्य ऐसे मुद्दों पर सर्वसम्मति बनाना है जिनके इस सत्र में उठाये जाने की संभावना है।
विज्ञापन
सरकार इस सत्र में राज्यसभा में अटके एक साथ ‘तीन तलाक’ वाला विधेयक पारित करवाने का प्रयास करेगी। इस पर रोक लगाने के मकसद से एक अध्यादेश लाकर एक साथ तीन बार तलाक को दंडनीय अपराध बना दिया गया था। सरकार को सदन में घेरने के लिए विपक्ष के पास यह अंतिम अवसर है और इस सत्र के लिए उसके पास राफेल सौदा, खेती किसानी के संकट और सीबीआई की कार्यप्रणाली जैसे मुद्दे हैं।
विज्ञापन