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CGHS: केंद्र सरकार के 35 लाख कर्मियों को मिली राहत, इलाज और मेडिकल टेस्ट को लेकर नहीं होगी दिक्कत
सार
पिछले साल जब कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे थे तो केंद्र सरकार ने 10 अक्तूबर को सीजीएचएस के साथ सूचीबद्ध स्वास्थ्य देखभाल संगठनों की वैधता 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दी थी। मार्च में कोरोना की दूसरी लहर आ गई थी। केंद्रीय कर्मियों को इलाज में कोई परेशानी न हो, इसके मद्देनजर स्वास्थ्य देखभाल संगठनों की वैधता को छह माह के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया था...
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अस्पताल का सांकेतिक फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्र सरकार के 35 लाख कर्मी, जो सीजीएचएस के दायरे में आते हैं, उनके लिए राहत की खबर है। अब उन्हें अपने इलाज और मेडिकल टेस्ट को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। कोविड-19 के दौरान केंद्र सरकार ने सीजीएचएस के दायरे में आने वाले सूचीबद्ध 'स्वास्थ्य देखभाल संगठन' यानी प्राइवेट अस्पतालों की वैधता को अब 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दिया है। केंद्रीय कर्मियों को पिछले छह माह के दौरान जारी रेट पर ही इलाज और मेडिकल टेस्ट कराने की सुविधा मिलेगी।
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बता दें कि पहले इन संगठनों की वैधता 31 मार्च 2021 तक थी। उस वक्त देश में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा था। केंद्र सरकार ने सीजीएचएस लाभार्थियों को नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (एनएबीएल) द्वारा तय रेटों पर मेडिकल टेस्ट कराने की सुविधा प्रदान की थी। अगर कोई प्राइवेट मेडिकल संस्थान 'एनएबीएल' से मान्यता प्राप्त नहीं है, तो वहां पर जांच के लिए नॉन-एनएबीएल रेट से फीस लेना, तय हुआ था। देश में अनेक प्राइवेट अस्पताल, सीजीएचएस के साथ सूचीबद्ध हैं। उन्हें एक तय अवधि के बाद अपने अनुबंध का नवीनीकरण कराना पड़ता है। इस प्रक्रिया के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गाइडलाइन जारी की गई हैं। सीजीएचएस के अधिकारी पैनल वाले अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर नजर रखते हैं। कर्मियों की तरफ से शिकायत एवं सुझाव मिलते रहते हैं।
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वैधता को अब 31 मार्च 2022 तक बढ़ाया
कई बार ऐसे मामले भी सामने आते हैं कि किसी प्राइवेट अस्पताल या लैब ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा निर्धारित मापदंडों के मुताबिक सीजीएचएस लाभार्थियों को सुविधा प्रदान नहीं की है तो उसका नवीनीकरण रद्द कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया में नए मेडिकल संस्थान, सीजीएचएस के साथ जुड़ते रहते हैं। पिछले साल जब कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे थे तो केंद्र सरकार ने 10 अक्तूबर को सीजीएचएस के साथ सूचीबद्ध स्वास्थ्य देखभाल संगठनों की वैधता 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दी थी। मार्च में कोरोना की दूसरी लहर आ गई थी। केंद्रीय कर्मियों को इलाज में कोई परेशानी न हो, इसके मद्देनजर स्वास्थ्य देखभाल संगठनों की वैधता को छह माह के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया था।केंद्रीय कर्मियों के लिए अब वह सुविधा अगले साल मार्च तक बढ़ा दी गई है। सभी लाभार्थियों के लिए 'इलाज और टेस्ट' के रेट वही रहेंगे, जो 31 मार्च से 30 सितंबर 2021 तक रहे हैं। नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (एनएबीएल) और नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) से मान्यता प्राप्त किसी भी लैब में कोई कर्मचारी अपना टेस्ट या इलाज कराता है, तो उन्हें सस्ते रेटों पर वह सुविधा मिलेगी। अगर कोई लैब एनएबीएल और एनएबीएच से मान्यता प्राप्त नहीं है तो वहां पर मौजूदा रेटों की तुलना में 15 फीसदी कम दाम लिया जाएगा।