NITI Aayog Meeting: ममता के दावे पर पीआईबी का खुलासा, 'नहीं बंद किया गया था माइक और न ही बोलने से रोका गया'
NITI Aayog Meeting: नीति आयोग की बैठक को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दावे पर केंद्र सरकार की फैक्ट चेक समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यह दावा गलत और भ्रामक है। उनके संबोधन के दौरान टाइम क्लॉक ने केवल यह दिखाया कि उनका बोलने का समय समाप्त हो गया है।
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पीआईबी ने अपने फैक्ट चेक में क्या कहा
मामले में पीआईबी का कहना है कि वर्णमाला के अनुसार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के संबोधन की बारी लंच के बाद आती। लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार के आधिकारिक अनुरोध पर उन्हें 7वें वक्ता के रूप में शामिल किया गया क्योंकि उन्हें जल्दी लौटना था। जबकि उनके संबोधन के दौरान टाइम क्लॉक ने केवल यह दिखाया कि उनका बोलने का समय समाप्त हो गया है। यहां तक कि घंटी भी नहीं बजाई गई थी।
निर्मला सीतारमण ने भी दावे को बताया झूठ
वहीं इस मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, ममता बनर्जी के माइक बंद का दावा ये पूरी तरह से गलत है और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बोलने का उचित समय आवंटित किया गया था। उन्होंने आगे कहा कि, पश्चिम बंगाल की मुख्यममंत्री ममता बनर्जी आज नीति आयोग की बैठक में शामिल हुईं, हम सबने उन्हें सुना। सभी मुख्यमंत्रियों को समय आवंटित किया गया था, जो सभी के टेबल के सामने मौजूद स्क्रीन पर दिखाया गया। उन्होंने मीडिया में कहा कि उनका माइक बंद कर दिया गया था। यह पूरी तरह से झूठ है।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने आगे कहा कि सभी मुख्यमंत्रियों को समय आवंटित किया गया था, लेकिन ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ये दावा किया कि उनका माइक बंद कर दिया गया था, जो कि सच नहीं है। उन्हें झूठ पर आधारित कहानी गढ़ने के बजाय इसके पीछे का सच बोलना चाहिए।
ममता बनर्जी ने क्या लगाए थे आरोप?
वहीं इससे पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए ममता बनर्जी ने राजनीतिक भेदभाव का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें नीति आयोग की बैठक में सिर्फ पांच मिनट बोलने दिया गया। जबकि अन्य मुख्यमंत्रियों को ज्यादा समय दिया गया था। मैंने बैठक में कहा कि केंद्र सरकार को राज्य सरकारों के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए। मैं और बोलना चाहती थी, लेकिन मेरा माइक बंद कर दिया गया। मुझे सिर्फ पांच मिनट बोलने दिया गया, जबकि मेरे सामने बाकि लोगों ने 10-20 मिनट तक बोला। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष की तरफ से मैं एकमात्र नेता थी, जो इस बैठक में शामिल हुई, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया गया।
टीएमसी नेताओं ने की केंद्र सरकार की आलोचना
वहीं पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के आरोपों पर टीएमसी नेता शशि पंजा ने कहा कि टीएमसी नेता शशि पांजा ने कहा, आज फिर से सक्रिय संघवाद को झटका लगा है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जो एक गैर-भाजपा शासित राज्य की मुख्यमंत्री हैं, को विरोध स्वरूप बैठक से बाहर जाना पड़ा क्योंकि उन्हें बोलने और अपना भाषण पूरा करने की अनुमति नहीं दी गई। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
#WATCH | On West Bengal CM Mamata Banerjee's allegations, TMC leader Shashi Panja says, " Operative federalism takes a hit again today. Bengal CM Mamata Banerjee, CM of a non-BJP ruled state had to walk out of the meeting in protest as she was not allowed to speak and complete… pic.twitter.com/CjjGUDs9nY
— ANI (@ANI) July 27, 2024
वहीं इस मुद्दे पर टीएमसी की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि- उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी गई, उन्हें बंगाल के प्रति केंद्र सरकार की उपेक्षा के बारे में कहने की अनुमति नहीं दी गई। वह विरोध के तौर पर सामने आईं।
#WATCH | On West Bengal CM Mamata Banerjee's allegations, TMC Minister Chandrima Bhattacharya says, " She was not allowed to speak, she was not allowed say about the deprivation of the central govt towards Bengal. She came out as protest...Union Finance Minister spoke about our… pic.twitter.com/x268HNUv6y
— ANI (@ANI) July 27, 2024