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अहम नियुक्ति: केंद्र ने दिग्गज बैंकर केवी कामत को बनाया 20 हजार करोड़ के वित्त विकास संस्थान का चेयरपर्सन

Wed, 27 Oct 2021 09:47 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 27 Oct 2021 09:47 PM IST
सार

डीएफआई यानी विकास वित्त संस्थान की स्थापना बुनियादी ढांचा क्षेत्र के वित्तपोषण के लिए लंबी अवधि, कम मार्जिन और जोखिम वाली प्रकृति के चलते होने वाली समस्याओं से निपटने को की गई है। डीएफआई का विकास के अलावा वित्तीय उद्देश्य भी है। शुरुआती दौर में इस संस्थान पर सरकार का सौ फीसदी स्वामित्व रहेगा।

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Centre appoints veteran banker KV Kamath as chairperson of NaBFID Development Financial Institution
केवी कामत - फोटो : ट्विटर (फाइल)

विस्तार

केंद्र सरकार ने बुधवार को दिग्गज बैंकर केवी कामत को नवगठित 20 हजार करोड़ रुपये के विकास वित्त संस्थान एनएबीएफआईडी (राष्ट्रीय वित्तीय अवसंरचना एवं विकास बैंक) का चेयरपर्सन नियुक्त किया। केंद्र का उद्देश्य इस पहल के जरिए कोष के संकट का सामना कर रहे बुनियादी ढांचा क्षेत्र को निवेश उपलब्ध कराना है। संसद ने इसी साल मार्च में एनएबीएफआईडी विधेयक, 2021 को मंजूरी दी थी। यह बैंक भारत में लम्बे समय के लिए बुनियादी ढांचा क्षेत्र को वित्तीय मदद देगा।

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इस संबंध में वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले वित्तीय सेवा विभाग ने एक ट्वीट में कहा, आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करने के लिए नई पहल! केंद्र सरकार ने केवी कामत को राष्ट्रीय वित्तीय अवसंरचना एवं विकास बैंक का चेयरपर्सन नियुक्त किया है। यह भारत में एक नवगठित  विकास वित्त संस्थान (डीएफआई) है।' 73 वर्षीय केवी कामत, ब्रिक्स देशों की ओर से गठित न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) के पहले अध्यक्ष रहे हैं और  उन्होंने पिछले साल अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था।
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अपने मित्रों के बीच केवी के नाम से प्रसिद्ध कामत ने अपने करियर की शुरुआत 1971 में तत्कालीन विकास वित्त संस्थान (डीएफआई) आईसीआईसीआई में की थी। साल 2008 में जब आईसीआईसीआई बैंक 'रन-ऑन' की व्यापक अफवाहों की चपेट में था, तब कामत ने आगे आकर नेतृत्व किया था और इसके पूर्ण बदलाव में अहम भूमिका निभाई थी। आईआईएम अहमदाबाद के पूर्व छात्र कामत दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस के बोर्ड में गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवा दे चुके हैं।

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