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Central Vista: पावर सेंटर 'नॉर्थ ब्लॉक' 150 दिन में होगा खाली, गृह एवं वित्त मंत्रालय होंगे शिफ्ट

Thu, 02 Jan 2025 08:05 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Thu, 02 Jan 2025 08:05 PM IST
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सार
Central Vista: प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशन में नए सेंट्रल विस्टा का काम तेजी से चल रहा है। फिलहाल सभी कार्य अपनी निर्धारित स्पीड में पूरे हो रहे हैं। सबसे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय, नॉर्थ ब्लॉक से शिफ्ट होंगे। इन दोनों मंत्रालयों के लिए नई बिल्डिंग में स्पेस तय किया जा रहा है। सुरक्षा और दूसरे इंतजाम देखें जा रहे हैं।
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Central Vista North Block will be vacated in 150 days Home and Finance ministries will be shifted
सेंट्रल विस्टा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्र सरकार के पावर सेंटर यानी 'नॉर्थ ब्लॉक' और 'साउथ ब्लॉक' खाली कर दिए जाएंगे। पहला नंबर नॉर्थ ब्लाक का होगा। अगले 150 दिन, मतलब मई तक, केंद्रीय गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय, नार्थ ब्लॉक को खाली कर देंगे। ये दोनों मंत्रालय, सेंट्रल विस्टा की नई बिल्डिंग में शिफ्ट होंगे। इनके साथ ही डीओपीटी का मंत्रालय भी नॉर्थ ब्लॉक को अलविदा कह देगा। इसके बाद दूसरे चरण में साउथ ब्लॉक में स्थित शीर्ष दफ्तरों का नंबर आएगा। 


आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचवाईए) के कैबिनेट मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार को एक अनौपचारिक बातचीत में यह दावा किया है। उनका कहना था कि वे हर माह खुद 'सेंट्रल विस्टा' में बन रहे नए भवनों का निरीक्षण करते हैं। अगर किसी भवन का निर्माण कार्य, तय समय सीमा के अनुरुप नहीं है यानी उसकी रफ्तार धीमी है तो संबंधित एजेंसी को हिदायत दी जाती हैं। प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशन में नए सेंट्रल विस्टा का काम तेजी से चल रहा है। फिलहाल सभी कार्य अपनी निर्धारित स्पीड में पूरे हो रहे हैं। सबसे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय, नॉर्थ ब्लॉक से शिफ्ट होंगे। इन दोनों मंत्रालयों के लिए नई बिल्डिंग में स्पेस तय किया जा रहा है। सुरक्षा और दूसरे इंतजाम देखें जा रहे हैं।

 
बता दें कि सेंट्रल विस्टा क्षेत्र की अधिकांश इमारतें 50-60 साल से अधिक पुरानी हैं। इसके चलते उनकी कार्य अवधि समाप्त होने वाली है। इन इमारतों में कार्यालय की जगह, पार्किंग, सुविधाओं और सेवाओं की कमी है। मौजूदा स्थानों और उनके बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और पुनर्निर्माण/नवीनीकरण की लागत राजकोष पर बोझस्वरूप है। सेंट्रल विस्टा में वर्तमान प्रशासनिक भवन नई दिल्ली के मध्य में स्थित कीमती भूमि का कुशल उपयोग नहीं करते हैं। लगभग 90 एकड़ भूमि पर अस्थायी बैरकों (इन्हें अस्थायी संरचना के रूप में जाना जाता है) का कब्जा है, जिसे अब कार्यालयों के रूप में उपयोग किया जाएगा। केंद्र सरकार के 51 मंत्रालयों में से केवल 39 पूरी तरह से/आंशिक रूप से सेंट्रल विस्टा में स्थित हैं। विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को बाहर किराए के कार्यालय स्थानों में समायोजित किया गया। इसकी लागत राजकोष पर आवर्ती वार्षिक व्यय के रूप में लगभग 1,000 करोड़ रुपये है।

प्रस्तावित मास्टर प्लान का उद्देश्य 10 सी.सी.एस. भवनों में स्थित सभी मंत्रालयों/विभागों और आवश्यक संबद्ध एवं अधीनस्थ कार्यालयों के लिए आधुनिक, टिकाऊ और उन्नत सुविधाएं प्रदान करना है। इससे उनके कार्य में प्रशासनिक दक्षता लाई जा सकेगी। विस्टा की वास्तुशिल्प विशेषताओं को संरक्षित किया जा सकेगा। कॉमन केंद्रीय सचिवालय के निर्माण का उद्देश्य केंद्र सरकार के विभिन्न अंगों के बीच समन्वय, सहयोग और तालमेल में सुधार करना है। 

इससे कार्य की उत्पादकता को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम विभिन्न हिस्सों में फैले कार्यालयों से दस्तावेजों और कर्मियों के अनावश्यक यात्रा की जरूरत को समाप्त करेगा। इससे भीड़ और प्रदूषण भी कमी आएगी। इसके अलावा, अत्यधिक क्रियात्मक और प्रयोजन आधारित कार्यालय अवसंरचना के माध्यम से प्रशासनिक दक्षता आएगी। 

केंद्र सरकार के सभी कार्यालयों को सी.सी.एस. भवनों में स्थानांतरित करने से विभिन्न मंत्रालयों/विभागों या उनके संबद्ध/अधीनस्थ कार्यालयों किराए के आवासों को खाली कर देंगे, जिससे प्रति वर्ष लगभग 1,000 करोड़ रुपये की बचत होगी। कॉमन केंद्रीय सचिवालय की योजना ट्रांजिट आधारित विकास के सिद्धांत के साथ बनाई गई है। सभी सी.सी.एस. भवनों को दो मेट्रो स्टेशनों केंद्रीय सचिवालय और उद्योग भवन, जो दिल्ली मेट्रो की येलो और पर्पल लाइन पर स्थित हैं, से तहखाने स्तर पर सुरक्षित भूमिगत स्वचलित पीपल मूवर (ए.पी.एम.) द्वारा जोड़ा जाएगा। 

इसके अलावा, एक आधुनिक शटल सेवा सेंट्रल विस्टा के सभी सी.सी.एस. भवनों और अन्य इमारतों को जोड़ेगी। इससे सार्वजनिक परिवहन के उपयोग में वृद्धि होगी, जिससे स्थायित्व और बेहतर वायु गुणवत्ता को बढ़ावा मिलेगा। केंद्रीय सचिवालय को एक स्थान पर लाने से भवन प्रबंधन प्रणाली (बी.एम.एस.) के माध्यम से हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग (एचवीएसी) जैसी भवन प्रणालियों के एकीकृत उपयोग हो पाएगा, जिससे समग्र ऊर्जा दक्षता में वृद्धि होगी और संचालन और रखरखाव की लागत कम होगी। सेंट्रल विस्टा में सूचीबद्ध किसी भी विरासत भवन (इंडिया गेट, पार्लियामेंट, नॉर्थ और साउथ ब्लॉक, राष्ट्रीय अभिलेखागार या कोई अन्य) को तोड़ा नहीं जाएगा। ये विरासत को संजोए रखने वाले भवन अपनी स्थापत्य गरिमा को बरकरार रखते हैं। हालांकि मौजूदा स्थितियों में ये भवन अत्यधिक दबाव में हैं और इनके व्यापक उन्नयन की आवश्यकता है। ऐसे में सेंट्रल विस्टा विकास/पुनर्विकास परियोजना के दायरे में आने वाले विरासत भवनों को विरासत संरक्षण मानकों के अनुसार उचित रूप से पुनर्निर्मित किया जाएगा। 

भविष्य में उपयोग करने के लिए उनको नवीनीकृत किया जाएगा
सेंट्रल विस्टा पर नियोजित सभी कार्यों को विस्टा के मूल लेआउट, इसकी ज्यामिति और इसकी वास्तुशिल्प विशेषताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। साथ ही, एक नए संसद भवन का निर्माण, नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में स्थित प्रशासनिक कार्यालयों के बाहर जाने और राष्ट्रीय अभिलेखागार तक के विस्तार से वर्तमान संसद भवन, दोनों ब्लॉक और राष्ट्रीय अभिलेखागार का विरासत संवेदी पुनर्निर्माण, जीर्णोद्धार और नवीनीकरण के लिए बाधारहित बनेंगे। सभी पेंटिंग, मूर्तियां, पांडुलिपियां, संग्रह और अन्य महत्वपूर्ण विरासत और सांस्कृतिक कलाकृतियां जो वर्तमान में राष्ट्रीय संग्रहालय, राष्ट्रीय अभिलेखागार और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आई.जी.एन.सी.ए.) में रखी गई हैं, उन्हें सावधानी से संरक्षित किया गया है। 

पूरी परियोजना को विरासत संवेदी तरीके से संचालित किया जा रहा है। आने वाले समय में लंबी उम्र सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा दस्तावेजों और कलाकृतियों को आधुनिक बुनियादी ढांचे वाले उन्नत इमारतों में ले जाया जाएगा। राष्ट्र की समृद्ध विरासत और उपलब्धियों को आधुनिक व आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करने के लिए राष्ट्रीय संग्रहालय को नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में स्थानांतरित किया जाएगा। वर्तमान में, नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में भारत सरकार के सबसे महत्वपूर्ण मंत्रालय अवस्थित हैं। तकनीकी और सेवा उन्नयन के लिए वर्षों से इनमें कई परिवर्धन और संशोधन भी किए जा रहे हैं। 

उनमें कार्यरत मंत्रालयों को नए केंद्रीय सचिवालय भवनों में स्थानांतरित करने के बाद, इन ग्रेड-I विरासत भवनों को राष्ट्रीय संग्रहालय के रूप में काम करने के लिए उचित रूप से पुनर्निर्मित और नवीनीकृत किया जाएगा। नार्थ और साउथ ब्लॉक में सरकारी स्थान का लगभग 80,000 वर्गमीटर भाग (प्रयोग योग्य प्रदर्शन क्षेत्र) राष्ट्रीय संग्रहालय में परिवर्तित होने के कारण सार्वजनिक स्थान के रूप में खुल जाएगा। इसके अतिरिक्त, सरकार द्वारा वर्तमान में उपयोग में लाई जा रही 2.25 हेक्टेयर से अधिक सार्वजनिक और अर्ध-सार्वजनिक भूमि को हरित स्थानों में परिवर्तित किया जाएगा।
 
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