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CGHS: केंद्र सरकार के 42 लाख सीजीएचएस लाभार्थियों के काम की खबर, न्यूरो-प्रत्यारोपण पर खर्च होंगे इतने रुपये

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Tue, 24 Sep 2024 05:24 PM IST
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सार
डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (डीबीएस) इम्प्लांट्स, इंट्रा-थेकल पंप और स्पाइनल कॉर्ड की फाइनल मंजूरी देने से पहले एक दूसरी प्रक्रिया का अनुसरण करना होगा। इसके लिए एक स्टैंडिंग टेक्निकल कमेटी गठित की गई है। इसकी सिफारिश के बाद ही मंजूरी की फाइल, सीजीएचएस निदेशक के पास पहुंचेगी।
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Central Government Schemes: good news for 42 lakh CGHS beneficiaries money will be spent neuro-transplantation
CGHS - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) महानिदेशालय ने अपने 42 लाख लाभार्थियों को राहत प्रदान की है। न्यूरो-प्रत्यारोपण की लागत की अनुमति या प्रतिपूर्ति के लिए दरों में संशोधन किया गया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, ताजा निर्देशों में डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (डीबीएस) इम्प्लांट्स, इंट्रा-थेकल पंप और स्पाइनल कॉर्ड सहित न्यूरो-इम्प्लांट्स की लागत राशि निर्धारित की गई है। इसके सात स्लैब रखे गए हैं। साथ ही यह भी बताया गया है कि उक्त न्यूरो-प्रत्यारोपण की मंजूरी प्रदान करने के लिए निर्धारित प्राधिकारी कौन होगा। नॉन-डायरेक्शनल लीड्स के साथ डीबीएस-नॉन-रिचार्जेबल डिवाइस (बैटरी लाइफ 5-8 वर्ष) के लिए 8,37,497 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। इसमें सर्जरी का खर्च शामिल नहीं है। इसी तरह के आधा दर्जन प्रत्यारोपण उपकरणों के रेट तय किए गए हैं। 



सीजीएचएस द्वारा हाल ही में न्यूरो-प्रत्यारोपण की दरों को संशोधित करने का निर्णय लिया गया है। डीबीएस इंप्लांट के लिए सरकारी अस्पताल का न्यूरोलॉजिस्ट निर्धारित प्राधिकारी होगा। इंट्रा-थेकल पंप, इसके इंप्लांट के लिए किसी भी सरकारी अस्पताल के संबंधित दो विशेषज्ञ/न्यूरोलॉजी/न्यूरो-सर्जरी विभाग के प्रमुख, निर्धारित प्राधिकारी होंगे। रीढ़ की हड्डी उत्तेजक, इसके लिए भी सरकारी अस्पताल के संबंधित दो विशेषज्ञ/न्यूरोलॉजी/न्यूरो-सर्जरी विभाग के प्रमुख, निर्धारित प्राधिकारी होंगे। इस तरह के केसों में इंप्लांट की मंजूरी देने के लिए अप्रूविंग अथॉरिटी, सीजीएचएस के निदेशक रहेंगे। सीएस (एमए) नियम, 1944-डीडीजी(एम) या स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के समकक्ष स्तर के अधिकारी भी यह अनुमति प्रदान कर सकते हैं। 


डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (डीबीएस) इम्प्लांट्स, इंट्रा-थेकल पंप और स्पाइनल कॉर्ड की फाइनल मंजूरी देने से पहले एक दूसरी प्रक्रिया का अनुसरण करना होगा। इसके लिए एक स्टैंडिंग टेक्निकल कमेटी गठित की गई है। इसकी सिफारिश के बाद ही मंजूरी की फाइल, सीजीएचएस निदेशक के पास पहुंचेगी। इस कमेटी के चेयरमैन अतिरिक्त महानिदेशक सीजीएचएस (सीजीएचएस लाभार्थियों के मामले में) या डीडीजी(एम) / (पी), डीटीई. जीएचएस (सीएस (एमए) नियम, 1944 लाभार्थियों के मामले में) होंगे। कमेटी के सदस्यों में एचओडी न्यूरोलॉजी/न्यूरो-सर्जरी एम्स, दिल्ली,  विभागाध्यक्ष न्यूरोलॉजी/न्यूरो-सर्जरी आरएंडआर अस्पताल, विभागाध्यक्ष न्यूरोलॉजी/न्यूरोसर्जरी सफदरजंग अस्पताल, विभागाध्यक्ष न्यूरोलॉजी/न्यूरोसर्जरी एबीवीआईएमएस और डॉ. आरएमएल अस्पताल, विभागाध्यक्ष न्यूरोलॉजी/न्यूरोसर्जरी जी.बी. पंत अस्पताल और एडी (आर एंड एच) सीजीएचएस दिल्ली (सीजीएचएस लाभार्थियों के मामले में) या अतिरिक्त डीडीजी (एमजी-II) (सीएस (एमए) नियम, 1944 लाभार्थियों के मामले में) सदस्य सचिव बनाए गए हैं। 

इस समिति के लिए कुछ दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं। ऐसे मामले के औचित्य के लिए न्यूनतम 3 विषय क्षेत्र विशेषज्ञों (न्यूरोलॉजी/न्यूरोसर्जरी विशेषज्ञ) की सिफारिश की आवश्यकता होगी। समिति में कम से कम एक न्यूरोलॉजिस्ट और एक न्यूरो-सर्जन शामिल होगा। सभी अस्वीकृतियों को उचित कारणों के साथ सावधानीपूर्वक दर्ज किया जाएगा। तकनीकी समिति सीजीएचएस/सीएस (एमए) नियम, 1944 के तहत लाभार्थियों के संबंध में मामलों पर विचार करेगी। सीजीएचएस/सीएस (एमए) नियम, 1944 के तहत लाभार्थी 'सेवारत कर्मचारियों के मामले में' अपने संबंधित विभाग के माध्यम से स्थायी तकनीकी समिति और संबंधित क्षेत्र या शहर के सीजीएचएस के अतिरिक्त निदेशक को डीबीएस या अन्य न्यूरो प्रत्यारोपण की अनुमति के लिए अनुरोध प्रस्तुत करेंगे। पेंशनभोगी हैं तो उन्हें संबंधित जोन के एडीशनल डायरेक्टर सीजीएचएस की अनुमति लेनी होगी। डीबीएस और अन्य न्यूरो प्रत्यारोपण योजनाबद्ध सर्जरी हैं, इसलिए इनकी पूर्व अनुमति लेना जरुरी है।  वित्तीय अनुमोदन प्राधिकारी वित्तीय शक्तियों के प्रत्यायोजन के मौजूदा नियमों के अनुसार होगा। 

नॉन-डायरेक्शनल लीड्स के साथ डीबीएस-नॉन-रिचार्जेबल डिवाइस (बैटरी लाइफ 5-8 वर्ष) के लिए 8,37,497 रुपये लगेंगे। डायरेक्शनल लीड के साथ डीबीएस-नॉन-रिचार्जेबल डिवाइस (बैटरी लाइफ 5-8 वर्ष) पर 10,32,586 रुपये खर्च होंगे। गैर-दिशात्मक लीड के साथ डीबीएस-रिचार्जेबल डिवाइस (न्यूनतम बैटरी जीवन 15 वर्ष) के लिए 11,24,049 रुपये खर्च करने होंगे। दिशात्मक लीड के साथ डीबीएस-रिचार्जेबल डिवाइस (न्यूनतम बैटरी जीवन 15 वर्ष) पर 13,89,936 रुपये खर्च होंगे। नई बैटरी (इम्प्लांटेबल पल्स जेनरेटर) (बैटरी लाइफ 5-8 वर्ष) के लिए 5,49,450 रुपये, इंट्रा-थेकल पंप (न्यूनतम बैटरी लाइफ 7 वर्ष) 5,29,898 रुपये,  और स्पाइनल कॉर्ड स्टिमुलेटर (न्यूनतम बैटरी लाइफ 10 वर्ष) पर  13,90,243 रुपये खर्च होंगे। उक्त अधिकतम दरों में सर्जरी की लागत शामिल नहीं है। उपकरणों को कंपनी, इम्प्लांटेशन की तारीख से एक वर्ष के लिए सीमित वारंटी प्रदान की जाएगी। कंपनी, बैटरी विफलता या डिवाइस की खराबी के मामले में मुफ्त प्रतिस्थापन प्रदान करेगी। ये संशोधित दरें कार्यालय ज्ञापन के जारी होने की तारीख से दो साल की अवधि तक लागू रहेंगी।

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