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NIPUN: केंद्र सरकार ने श्रमिकों की कुशलता बढ़ाने के लिए शुरू की निपुण योजना, एक लाख को मिलेगा प्रशिक्षण
Wed, 22 Jun 2022 05:19 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 22 Jun 2022 05:19 AM IST
सार
राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) से प्रशिक्षण हासिल करने के बाद श्रमिकों को विदेशों में भी काम के अवसर मिलेंगे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि यह पहल निर्माण श्रमिकों को उनकी क्षमताओं को बढ़ाकर अधिक अनुभवी और कुशल बनाएगी।
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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
केंद्र सरकार ने निर्माण श्रमिकों के कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय पहल (एनआईपीयूएन-निपुण) शुरू की है। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को बताया कि मंत्रालय दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डीएआई-एनयूएलएम) के तहत इस पहल के जरिये एक लाख से ज्यादा श्रमिकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
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राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) से प्रशिक्षण हासिल करने के बाद श्रमिकों को विदेशों में भी काम के अवसर मिलेंगे। इस दौरान पुरी ने कहा कि यह पहल निर्माण श्रमिकों को उनकी क्षमताओं को बढ़ाकर अधिक अनुभवी और कुशल बनाएगी।
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उन्होंने कहा कि वे निर्माण उद्योग में युद्ध स्तर पर अपनाए जाने वाले कौशल को बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं, लेकिन इसका विस्तार धीमा है। उन्होंने कहा कि निर्माण श्रमिकों की कुशलता से ही भारत विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा बनाने की परियोजनाओं को तेजी से पूरा कर पाएगा।
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तीन चरणों में बंटी योजना
योजना को तीन भागों में बांटा गया है। पहला, निर्माण स्थलों पर पूर्व शिक्षा की मान्यता (आरपीएल) के माध्यम से प्रशिक्षण, दूसरा नलसाजी (प्लंबिंग) और तीसरा बुनियादी ढांचा क्षेत्र कौशल परामर्श परिषद (इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर स्किल काउंसिल- एसएससी) की तरफ से प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट।
12 हजार श्रमिक विदेश भेजे जाएंगे
मंत्रालय के साथ सह-ब्रांडेड आरपीएल प्रमाणन के तहत उद्योग संघों के माध्यम से लगभग 80,000 निर्माण श्रमिकों को ऑनसाइट कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि लगभग 14,000 उम्मीदवारों को संभावित प्लेसमेंट क्षमता वाले कार्यों (ट्रेडों) में प्लंबिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर स्किल काउंसिल (एसएससी) के माध्यम से नए कौशल प्राप्त होंगे। एनएसडीसी 12,000 लोगों को सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य खाड़ी देशों में भेजेगा।
प्रशिक्षण के दौरान मिलेगा बीमा और सुविधाएं
प्रशिक्षुओं को तीन साल के लिए दो लाख का कौशल बीमा दिया जाएगा। इसके अलावा डिजिटल कौशल जैसे कैशलेस लेनदेन और भीम ऐप, कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) तथा भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक सुविधाएं दी जाएंगी। परियोजना की देखरेख और निगरानी के लिए समिति का गठन भी किया जाएगा।
10 वर्ष में चार करोड़ से ज्यादा रोजगार मिलेंगे
निर्माण उद्योग 2022 तक सबसे बड़ा नियोक्ता बनने की ओर अग्रसर है। अगले 10 वर्ष में निर्माण उद्योग में 4 करोड़ 5 लाख अतिरिक्त कुशल श्रमिकों की जरूरत है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (एनएआरईडीसीओ) और कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) उद्योग भागीदारों के रूप में निपुण में में शामिल हुए हैं।
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