विवाद पर सफाई: क्यों बढ़ाया गया सीमाई क्षेत्रों में बीएसएफ का दायरा, सरकार ने लोकसभा में बताईं ये अहम वजहें
बीएसएफ के जवानों को हमेशा सीमा की सुरक्षा के लिए तत्पर रहना पड़ता है। बीएसएफ के जवान पीस-टाइम के दौरान बॉर्डर पर तैनात किए जाते हैं, जबकि सेना युद्ध के दौरान मोर्चा संभालती है।
विस्तार
कुछ राज्यों में बीएसएफ का क्षेत्रीय अधिकार बढ़ाने को लेकर केंद्र सरकार ने लोकसभा में मंगलवार को बड़ा बयान दिया है। सरकार ने कहा कि बीएसएफ के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में विस्तार का उद्देश्य हथियारों, नशीले पदार्थों और जाली नोटों की तस्करी पर रोक लगाना है। सरकार ने कहा कि राष्ट्र-विरोधी बलों द्वारा ड्रोन, मानव रहित हवाई वाहन, आदि जैसी तकनीक के उपयोग को नाकाम करने के लिए यह विस्तार जरूरी था। हमारे इस कदम से बीएसएफ के जवान और सशक्त होंगे। गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले दिनों एक नए आदेश जारी कर पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में बीएसएफ द्वारा तलाशी और गिरफ्तारी करने के अधिकार क्षेत्र को बढ़ा दिया गया था। जहां पहले बीएसएफ के यह अधिकार राज्यों की सीमा के अंदर 15 किलोमीटर तक सीमित थे, वहीं अब इन्हें बढ़ा कर 50 किलोमीटर तक लागू कर दिया गया है।
दो दिसंबर को राज्यसभा में भी सरकार ने दी थी जानकारी
दो दिसंबर को राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा था कि बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र के विस्तार का उद्देश्य राज्य पुलिस के साथ मिलकर और उनके सहयोग से सीमा पर के अपराधों पर बेहतर और अधिक प्रभावशाली नियंत्रण हो सकेगा।