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सख्त होगी निगरानी: ओटीटी प्लेटफॉर्म, डिजिटल समाचार प्रकाशकों के लिए नए नियम

Fri, 26 Mar 2021 03:13 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 26 Mar 2021 03:13 AM IST
सार

  • अधिसूचित, त्रिस्तरीय शिकायत निवारण तंत्र करना होगा स्थापित
  • ओटीटी प्लेटफॉर्म को उपभोक्ताओं की शिकायत सुनने के लिए सक्षम अधिकारियों की नियुक्ति करनी होगी

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central government has issued new rules for digital news platforms and OTT
Ott Platforms - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

विस्तार

केंद्र सरकार ने ओटीटी प्लेटफॉर्म, डिजिटल समाचार प्रकाशकों के लिए बृहस्पतिवार को सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम 2021 को अधिसूचित कर दिया है।

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नए नियमों के तहत ओटीटी प्लेटफॉर्म और डिजिटल समाचार प्रकाशकों को त्रिस्तरीय शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करना होगा और सरकार के संग महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करनी होंगी।
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सूचना और प्रसारण मंत्रालय के मुताबिक, नए नियमों के तीसरे भाग में डिजिटल समाचार प्रकाशकों और ऑनलाइन ओटीटी प्लेटफॉर्म के प्रकाशकों से जुड़े हैं। नियमों में प्रकाशकों को आचार संहिता का पालन करने के लिए मानक तय किए गए हैं।
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इसके लिए मंत्रालय ने समाचार नियमों को अंतिम रूप देने के लिए कई राउंड ओटीटी प्लेटफॉर्म प्रतिनिधियों और डिजिटल समाचार प्रकाशकों के साथ बैठक की है।

दिशानिर्देशों के मुताबिक, ओटीटी प्लेटफॉर्म पांच आयु वर्ग के अनुसार अपने प्लेटफार्म सामग्री को स्ववर्गीकृत करेंगे। इनमें यू (यूनिवर्सल), यू /ए7प्लस/यू/ए13प्लस/ यू/ए16 प्लस। इसमें 13 प्लस या उससे ऊपर की श्रेणी में वर्गीकृत सामग्री के लिए आयु की पहचान के लिए मैकेनिज्म विकसित करना होगा, माता-पिता को भी अधिकार होगा कि वे पाबंदी को लागू कर सकेंगे। इतना ही नहीं, इसमें एक त्रिस्तरीय शिकायत निवारण तंत्र भी विकसित करना होगा।

इसमें सरकार ने कहा है कि पहले दो स्तर को स्व-विनियमन करना होगा। इसके अलावा ओटीटी प्लेटफॉर्म को उपभोक्ताओं की शिकायत सुनने के लिए सक्षम अधिकारियों की नियुक्ति करनी होगी। उन्हें मिलने वाली शिकायतों का निपटारा 15 दिन के भीतर करना होगा। इससे भी अगर बात नहीं बनती तो शिकायतकर्ता स्व-नियामक निकाय तक जा सकता है।


इस निकाय की अध्यक्षता का जिम्मा सेवानिवृत्त न्यायाधीश या उसके समकक्ष को दिया जाएगा। इसके अलावा सरकार एक निगरानी तंत्र विकसित करेगी। इतना ही नहीं, शिकायतों को अंतर-विभागीय समिति द्वारा संरक्षित किया जाएगा।

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