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कोवाक्सिन टीका: बूस्टर डोज के लिए क्लीनिकल ट्रायल को केंद्र की मिली मंजूरी
Sat, 03 Apr 2021 06:51 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 03 Apr 2021 06:51 AM IST
सार
- बूस्टर डोज के क्लीनिकल ट्रायल का हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक के वैज्ञानिकों ने अध्ययन शुरू किया
- दूसरी डोज के 6 माह बाद लगेगा तीसरा टीका, अध्ययन के परिणाम मिलने के बाद होगा फैसला
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कोवैक्सीन
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
कोरोना से पूरे बचाव के लिए टीके की तीसरी खुराक लेना भी जरूरी हो सकता है। इसे बूस्टर डोज नाम दिया गया है जो शरीर में एंटीबॉडी की मात्रा कई गुना तक बढ़ा सकती है। इससे लंबे समय तक शरीर में एंटीबॉडी कम नहीं होगी।
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दूसरी डोज के 6 माह बाद लगेगा तीसरा टीका, अध्ययन के परिणाम मिलने के बाद होगा फैसला
केंद्र की विशेषज्ञ समिति ने बूस्टर डोज के क्लीनिकल ट्रायल के लिए मंजूरी दे दी है। हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक के वैज्ञानिकों ने अध्ययन शुरू कर दिया है। अभी 28 दिन के अंतराल पर कोवाक्सिन के दो डोज लेने के बाद ही वैक्सीन कोर्स पूरा हो सकता है लेकिन कुछ अध्ययन में दावा किया जा चुका है कि तीन से छह माह तक ही एंटीबॉडी रहती हैं। ऐसे में लंबे समय तक एंटीबॉडी के लिए बूस्टर डोज भी होना चाहिए। समिति के एक सदस्य ने बताया कि दो डोज के छह माह बाद बूस्टर डोज लगाया जा सकता है।
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भारत बायोटेक को परीक्षण में शामिल लोगों का छह माह तक फॉलोअप लेने के लिए भी कहा गया है। अध्ययन सकारात्मक रहा तो आगामी दिनों में बूस्टर डोज भी उपलब्ध कराया जा सकता है। समिति के सदस्यों का कहना है कि बूस्टर डोज अलग नहीं है लेकिन तीसरे डोज के साथ एंटीबॉडी बूस्ट हो सकती है।
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प्रोटोकॉल में संशोधन के दिए निर्देश ः सीडीएससीओ के अनुसार, कंपनी को परीक्षण संबंधी प्रोटोकॉल में संशोधन के निर्देश भी दिए हैं। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर परीक्षण का विवरण भी मांगा है। सीडीएससीओ का कहना है कि बूस्टर डोज की अधिकतम अवधि नौ माह तक हो सकती है।
वायरस नहीं हो सकेगा हावी
बैठक के दस्तावेजों के मुताबिक, बूस्टर डोज के बाद वायरस के वैरिएंट्स भी शरीर पर हावी नहीं हो सकेंगे। संक्रमण के बाद एंटीबॉडी कुछ सप्ताह तक रहती हैं। बूस्टर डोज लगने के बाद यह कई साल तक वायरस से बचाव कर सकती है। भारत बायोटेक के अनुसार, महामारी का यह समय कब तक ऐसा रहेगा? इसके बारे में कोई नहीं जानता है। ऐसे में जरूरी है कि हम भविष्य को ध्यान में रखते हुए वर्तमान में ही अपने प्रयासों को बढ़ाएं।
एक दिन में 36 लाख से भी ज्यादा लोगों को वैक्सीन
टीकाकरण कार्यक्रम के तीसरे चरण में पहले दिन सबसे ज्यादा लोगों ने वैक्सीन लेकर नया रिकॉर्ड बनाया है। शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया, तीसरे चरण के पहले दिन 36,71,242 लोगों ने वैक्सीन ली, जिनमें 45 या उससे अधिक वर्ष की आयु के 30 लाख लोग थे। 33 लाख ने पहली और तीन लाख से अधिक ने दूसरी डोज ली है।
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मंत्रालय के अनुसार 16 जनवरी से शुरू हुए टीकाकरण कार्यक्रम में अब तक 6.87 करोड़ से ज्यादा लोगों को टीका लग चुका है। इनमें 95 लाख लोग दूसरी डोज लेकर वैक्सीन कोर्स पूरा कर चुके है। मंत्रालय ने बताया कि इस पूरे महीने सप्ताह के सभी दिन टीका लगाया जाएगा। सरकारी अवकाश पर भी टीकाकरण कार्यक्रम जारी रहेगा। कोरोना की दूसरी लहर तेज होने के कारण मंत्रालय लगातार प्रभावित जिलों में टीकाकरण बढ़ाने के निर्देश दे रहा है।