प्रधानमंत्री की सड़कों की मरम्मत के लिए केंद्र नहीं देगा पैसे
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क येजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनी सड़कों के मर मत के लिए केंद्र सरकार धन मुहैया नहीं कराएगी। बल्कि राज्यों को खुद से इसके लिए धन का जुगाड़ करना पडे़गा। हालांकि पीएमजीएसवाई योजना के द्वितीय चरण में केंद्र ने योजना से 25 प्रतिशत राशि 10 साल पुरानी सड़कों पर खर्च करने का प्रावधान कर राज्यों को थोड़ी राहत जरूर प्रदान की है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यों को स्पष्ट रूप से कहा है कि वे पीएमजीएसवाई से बनी सड़कों के लिए धन का जुगाड़ खुद से करें। पीएमजीएसवाई से बनीं सड़कों के मर मत के लिए के्रंद के जरिए धन देने के मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये सड़के राज्य की संपत्ति है। केंद्र सरकार बनाकर राज्यों सौंप देती हैं।
योजना की प्रावधान के अनुसार शुरू के 5 साल उक्त सड़क के रख-रखाव की जि मेदारी उसके निर्माण करने वाले ठेकेदार की रहती है। उसके बाद राज्यों को इसका जि मा उठाना चाहिए। तोमर ने कहा कि पीएमजीएसवाई के द्वितीय चरण में इस बात का प्रावधान है कि राज्य चाहें तो वे योजना के अपने बजट से 25 प्रतिशत राशि 10 साल पुरानी सड़कों के मर मत पर खर्च कर सकते हैं।
वर्ष 2002 में पीएमजीएसवाई की शुरूआत हुई
उन्होंने राज्यों से कहा है कि वे ग्रामीण सड़कों की मरम्मत के लिए एक मेंटेनेंस पॉलिसी बनाएं। कुछ राज्यों ने पॉलिसी बना भी ली है। दरअसल गांवों को सड़क से जोड़ने के कवायद में केंद्र के जरिए वर्ष 2002 में पीएमजीएसवाई की शुरूआत हुई थी। इस योजना के तहत 1 लाख करोड़ से उपर की राशि गांवों में सड़क बनाने पर हुई है।
मगर अब कई जगह इन सड़कों की हालत बद से बदत्तर हो चली है। इसलिए राज्यों ने केंद्र से इन सड़कों के मरम्मत के लिए राशि मांगनी शुरू कर दी है। खुद भाजपा शासित असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनवाल ने केंद्र से पीएमजीएसवाई सड़कों के लिए मरम्मत राशि की मांग की है। मगर केंद्र ने इस मामले में राज्यों को खुद से धन का जुगाड़ करने को कहा है।