{"_id":"5e036f428ebc3e87df028ba3","slug":"center-warns-up-government-of-terror-attack-on-ayodhya","type":"story","status":"publish","title_hn":"अयोध्या पर आतंकी हमले का खतरा केंद्र ने यूपी सरकार को किया आगाह","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अयोध्या पर आतंकी हमले का खतरा केंद्र ने यूपी सरकार को किया आगाह
Wed, 25 Dec 2019 07:46 PM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Wed, 25 Dec 2019 07:46 PM IST
विज्ञापन
आतंकी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : ANI
भगवान राम की नगरी अयोध्या पर आतंकी हमले का खतरा मंडरा है। जैश-ए-मोहम्मद के सात आतंकवादी हमले को अंजाम देने के लिए नवंबर में नेपाल के रास्ते देश में घुस चुके हैं। इन आतंकियों के अयोध्या और गोरखपुर में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है। इसकी खुफिया जानकारी मिलने के बाद केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार को आगाह किया है।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों ने बीते दिनों आतंकी गुट जैश के सरगना मसूद अजहर के बारे में अहम सूचना हासिल की थी। इसके मुताबिक मसूद ने टेलीग्राम नामक सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपने गुट के आतंकियों को संबोधित किया था। इसमें उसने भारत में आतंकी हमले को अंजाम देने का निर्देश दिया था। इसके अलावा उसने फोन से भी ऐसे आदेश दिए। इस आशय की जानकारी मिलने के बाद केंद्र ने यूपी समेत कई राज्यों को महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा बढ़ाने की सलाह दी है।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि जिन सात आतंकियों ने नेपाल के रास्ते देश में प्रवेश किया है, उनमें मोहम्मद कौमी चौधरी, अबू हमजा, मोहम्मद शाहबाज, निसार अहमद और मोहम्मद याकूब शामिल है। दो अन्य आतंकियों के नाम की पुष्टि नहीं हो पाई है। इन आतंकियों ने नवंबर महीने में ही देश में घुसपैठ की है। हालांकि खुफिया एजेंसियों को यह पता नहीं चल पाया है कि आतंकियों को किन जगहों को निशाना बनाने का निर्देश मिला है।
विज्ञापन
नेपाल को बना रहे घुसपैठ का रास्ता
बीते कुछ सालों में पाकिस्तान से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर सख्त निगरानी के कारण पाकिस्तानी आतंकी गुट भारत में घुसपैठ के लिए नेपाल का इस्तेमाल कर रहे हैं। नेपाल में जैश से जुड़े स्लीपर सेल का तंत्र लगातार मजबूत हो रहा है।
इस वजह से अयोध्या निशाने पर
दरअसल, दशकों की कानूनी जंग के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अक्तूबर में अयोध्या विवाद पर हिंदुओं के पक्ष में फैसला दिया था। इसके बाद से ही आतंकी गुटों की कोशिश यहां हमले को अंजाम देकर दहशत फैलाने की है। इससे पहले भी आतंकियों ने अयोध्या स्थित अस्थायी राम मंदिर को उड़ाने की असफल कोशिश की थी।