फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Center rejects CM Mamata Banerjee claim that WB was kept out the process of reviewing Ganga Water Treaty

India-Bangladesh Farakka Treaty: केंद्र बोला- CM ममता के आरोप गलत, समीक्षा के दौरान बंगाल सरकार की राय सुनी गई

Tue, 25 Jun 2024 03:45 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Tue, 25 Jun 2024 03:45 AM IST
सार

पिछले सप्ताह बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत का दौरा किया था। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा जल संधि को लेकर एक घोषणा की, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश 1996 की संधि के नवीनीकरण के लिए तकनीकी स्तर की बातचीत शुरू करेंगे। 

विज्ञापन
Center rejects CM Mamata Banerjee claim that WB was kept out the process of reviewing Ganga Water Treaty
पीएम नरेंद्र मोदी, बंगाल सीएम ममता बनर्जी और बांग्लादेश पीएम शेख हसीना - फोटो : एएनआई

विस्तार

केंद्र ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि बांग्लादेश के साथ गंगा जल संधि की समीक्षा की प्रक्रिया से राज्य को बाहर रखा गया। केंद्र का कहना है कि गंगा जल संधि की समीक्षा पर पश्चिम बंगाल से परामर्श किया गया था। बंगाल सरकार द्वारा झूठ फैलाया जा रहा है। 

विज्ञापन


केंद्र के सूत्रों ने सोमवार को यहां कहा कि बांग्लादेश के साथ गंगा जल संधि की समीक्षा पर पश्चिम बंगाल से परामर्श किया गया, उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस दावे को खारिज कर दिया कि राज्य को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया था। केंद्रीय सूत्रों के मुताबिक, समीक्षा के दौरान बंगाल सरकार के सिंचाई और जलमार्ग विभाग में संयुक्त सचिव (कार्य) ने अप्रैल में फरक्का बैराज के निचले हिस्से से अगले 30 वर्षों के लिए राज्य की कुल मांग से अवगत कराया था।
विज्ञापन


सीएम बनर्जी ने हावड़ा में नगर पालिकाओं और नगर निगमों के अध्यक्षों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की, जहां उन्होंने भाजपा पर बंगाल के लोगों की आजीविका के बारे में विचार किए बिना फरक्का संधि को नवीनीकृत करने का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा की बंगाल विरोधी मानसिकता करार दिया और कहा कि बंगाल के लोग चुप नहीं रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


बता दें कि भारत और बांग्लादेश ने 1996 में 30 साल के लिए गंगा जल संधि पर हस्ताक्षर किए थे। 30 साल की यह संधि 2026 में समाप्त होगी, लेकिन आपसी समझौते से इसे बढ़ाया जा सकता है।

पिछले सप्ताह बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत का दौरा किया था। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा जल संधि को लेकर एक घोषणा की, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश 1996 की संधि के नवीनीकरण के लिए तकनीकी स्तर की बातचीत शुरू करेंगे। बांग्लादेश में तीस्ता नदी के संरक्षण और प्रबंधन की समीक्षा के लिए एक तकनीकी टीम भी बांग्लादेश की यात्रा करेगी। वहीं, बंगाल की सीएम बनर्जी ने पीएम मोदी को पत्र लिखा, जिसमें कहा कि संधि के नवीनीकरण के लिए बातचीत शुरू करने का निर्णय एकतरफा था। उन्होंने पीएम से आग्रह किया था कि बंगाल सरकार को शामिल किए बिना बांग्लादेश के साथ ऐसी कोई भी चर्चा न की जाए। 


केंद्रीय सूत्रों के मुताबिक, पिछले साल 24 जुलाई को फरक्का में गंगा/गंगा जल बंटवारे पर 1996 की भारत-बांग्लादेश संधि की आंतरिक समीक्षा के लिए समिति में पश्चिम बंगाल सरकार से एक उम्मीदवार की मांग की थी। बंगाल सरकार ने पिछले साल 25 अगस्त को सिंचाई और जलमार्ग निदेशालय में मुख्य अभियंता (डिजाइन और अनुसंधान) के नामांकन से समिति को अवगत कराया था। इसके बाद, इस साल 5 अप्रैल को, पश्चिम बंगाल सरकार के सिंचाई और जलमार्ग विभाग के संयुक्त सचिव (कार्य) ने फरक्का बैराज के निचले हिस्से से अगले 30 वर्षों के लिए अपनी कुल मांग से अवगत कराया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed