फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CDS Anil Chauhan launched ORF report said growing concern of youth on challenge of China

China Challenge: CDS अनिल चौहान ने लॉन्च की ORF रिपोर्ट, चीन की चुनौती पर युवाओं की बढ़ती चिंता पर कही ये बात

Wed, 09 Jul 2025 08:22 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु चंदेल Updated Wed, 09 Jul 2025 08:22 PM IST
सार

ओआरएफ के विदेश नीति सर्वे में सामने आया कि भारत के 89% युवा चीन के साथ सीमा विवाद को सबसे बड़ी विदेश नीति चुनौती मानते हैं. सर्वे में 66% युवाओं ने भारत-चीन संबंधों से असंतोष जताया. इस सर्वे को सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने लॉन्च किया और भारत की रणनीतिक नीति को ‘विश्वबन्धु’ दृष्टिकोण बताया, जो संतुलन और भरोसे पर आधारित है.

विज्ञापन
CDS Anil Chauhan launched ORF report said growing concern of youth on challenge of China
सीडीएस अनिल चौहान - फोटो : ANI

विस्तार

भारत की विदेश नीति को लेकर देश के शहरी युवाओं की सोच में बड़ा बदलाव आ रहा है। चीन के साथ रिश्तों को लेकर चिंता बढ़ी है और युवाओं को लगता है कि भारत की सबसे बड़ी रणनीतिक चुनौती अब चीन है। इस सोच का खुलासा हुआ है ओआरएफ के विदेश नीति 2024 में, जिसे भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था अब भौगोलिक और तकनीकी दोनों स्तरों पर चुनौतियों से जूझ रही है।
विज्ञापन


ओआरएफ के इस सर्वे में 5050 शहरी युवाओं से बातचीत की गई। सर्वे से साफ है कि 89% युवा भारत-चीन सीमा विवाद को सबसे बड़ी विदेश नीति चुनौती मानते हैं। वहीं, 66% युवाओं ने भारत-चीन संबंधों से असंतोष जताया, जो 2023 की तुलना में 17% ज्यादा है। इसके बाद पाकिस्तान से तनाव और सीमा पार आतंकवाद को भी गंभीर चिंता के रूप में बताया गया।
विज्ञापन


भारत की विदेश नीति पर भरोसा, लेकिन सावधानी जरूरी
सर्वे के मुताबिक, 88% युवाओं को भारत की मौजूदा विदेश नीति पर भरोसा है, जो बीते वर्षों से लगातार बढ़ता जा रहा है। हालांकि, युवा अब सिर्फ भरोसे से संतुष्ट नहीं हैं, बल्कि वे सरकार से स्पष्ट रणनीति की उम्मीद करते हैं। सर्वे में साइबर सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और सप्लाई चेन में रुकावट को भी प्रमुख वैश्विक चिंता बताया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- पीएम मोदी ने की नामीबिया के राष्ट्रपति से मुलाकात; चार अहम समझौतों पर किए गए हस्ताक्षर

जनरल चौहान ने बताया भारत का ‘विश्वबन्धु’ दृष्टिकोण
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने इस मौके पर कहा कि भारत अब वैश्विक मंच पर ‘विश्वबन्धु’ यानी भरोसेमंद साझेदार की भूमिका निभाना चाहता है। उन्होंने ब्रिक्स और क्वाड जैसे मंचों पर भारत की सक्रिय भूमिका को रेखांकित किया और कहा कि भारत रणनीतिक रूप से स्वतंत्र रहते हुए सभी पक्षों के साथ संतुलन बनाए रखने की नीति पर काम कर रहा है।


पड़ोसी देशों में चीन की बढ़ती मौजूदगी भारत के लिए चेतावनी
जनरल चौहान ने चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच बनते समीकरणों, म्यांमार की स्थिति और हिंद महासागर क्षेत्र में बाहरी ताकतों की बढ़ती गतिविधियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने इसे भारत की सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बताया और कहा कि युवाओं की राय को नीति-निर्धारण में शामिल करना अब जरूरी हो गया है।

ये भी पढ़ें- दो दिन में सामने आएगी एअर इंडिया विमान हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट; ब्लैक बॉक्स पर भी अपडेट

ओआरएफ का सर्वे बना युवाओं की सोच का आईना
ओआरएफ के अध्यक्ष समीर सरन ने बताया कि यह सर्वे न केवल विदेश नीति पर युवाओं की सोच को सामने लाता है, बल्कि नीति-निर्माण को अधिक समावेशी और भागीदारी वाला बनाने में मदद करता है। यह सर्वे 2021 में शुरू हुआ था और अब यह अंतरराष्ट्रीय मामलों पर जनमत का विश्वसनीय सूचक बन चुका है।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed