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असमः कांग्रेस ने अखिल गोगोई के राइजर दल से तोड़ा नाता, आखिर क्यों जुदा हुईं दोनों पार्टियों की राहें?

Thu, 03 Sep 2026 01:44 PM IST
N Arjun एन अर्जुन
Updated Thu, 03 Sep 2026 01:44 PM IST
सार

कांग्रेस का आरोप है कि राइजर दल नेताओं ने लगातार कांग्रेस के खिलाफ दुष्प्रचार और व्यक्तिगत हमले किए। जिसके चलते कांग्रेस ने तत्काल प्रभाव से राजनीतिक गठबंधन खत्म करने का एलान कर दिया है। 

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Assam congress break ties with akhil gogoi raijor dal
असम में कांग्रेस ने राइजर दल से तोड़ा नाता। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

असम में कांग्रेस ने अखिल गोगोई के नेतृत्व वाले राइजर दल से अपना राजनीतिक गठबंधन औपचारिक रूप से खत्म कर दिया है। कांग्रेस ने क्षेत्रीय दल पर गठबंधन के तय मानकों और राजनीतिक मर्यादाओं का बार-बार उल्लंघन करने का
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आरोप लगाया है। तीन सितंबर को जारी आदेश के साथ ही दोनों दलों के बीच राजनीतिक तालमेल तत्काल प्रभाव से समाप्त हो गया। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई के निर्देश पर यह फैसला लिया गया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) रमन्ना बरुआ ने इस संबंध में संगठनात्मक परिपत्र जारी किया।
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लगातार बढ़ रही थी दोनों दलों में तल्खी
  • कांग्रेस के अनुसार, पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी एकजुटता के उद्देश्य से कांग्रेस, वाम दलों और क्षेत्रीय दलों को साथ लाकर गठबंधन बनाया गया था। इसका मकसद भाजपा के खिलाफ संयुक्त विपक्ष खड़ा करना था। राइजर दल भी इसी गठबंधन का हिस्सा था।
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  • कांग्रेस का आरोप है कि गठबंधन के दौरान राइजर दल के नेताओं ने लगातार कांग्रेस के खिलाफ कथित दुर्भावनापूर्ण प्रचार किया और पार्टी नेताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं।
  • कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि राइजर दल नेतृत्व ने विपक्षी गठबंधन में शामिल अन्य दलों के नेताओं के खिलाफ निराधार, अनावश्यक और अपमानजनक बयान दिए।
  • कांग्रेस का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से गठबंधन के मूल सिद्धांत कमजोर हुए और दोनों दलों के बीच राजनीतिक संबंध बनाए रखना मुश्किल हो गया।

अखिल गोगोई के बयान से बढ़ा विवाद
दोनों दलों के बीच पिछले एक सप्ताह से सार्वजनिक तौर पर आरोप-प्रत्यारोप चल रहे थे। रविवार को प्रदेश कांग्रेस ने अखिल गोगोई के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीरा बोर्थाकुर और कांग्रेस के मीडिया एवं संचार विभाग के अध्यक्ष बेदब्रत बोरा ने गोगोई के राजनीतिक आचरण पर सवाल उठाए थे। बोरा ने गोगोई पर गठबंधन के सिद्धांतों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए उनपर कथित तौर पर 'सरकार का एजेंट' की तरह काम नहीं करने की चेतावनी दी थी। 


उन्होंने गौरव गोगोई और पूर्व नेता प्रतिपक्ष देबरत सैकिया का बचाव करते हुए कहा था कि दोनों नेता बाढ़ राहत और पुनर्वास के काम में सक्रिय रहे हैं। बोरा ने यह भी दावा किया था कि शिवसागर से अखिल गोगोई की चुनावी जीत में कांग्रेस के समर्थन की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।

भाजपा सरकार के खिलाफ अभियान जारी रखेगी कांग्रेस
गठबंधन खत्म करने के बावजूद कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह असम के जन मुद्दों को उठाना जारी रखेगी। पार्टी ने कहा कि भाजपा नीत सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों, अन्याय और कुशासन के खिलाफ उसका अभियान जारी रहेगा। 2026 के असम विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 126 में से 82 सीटें जीती थीं। कांग्रेस को 19 सीटें मिलीं। बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट और असम गण परिषद को 10-10 सीटें मिलीं, जबकि राइजर दल और एआईयूडीएफ ने दो-दो सीटें जीतीं। तृणमूल कांग्रेस को एक सीट मिली।
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