सख्ती: सफलता की गारंटी नहीं दें कोचिंग सेंटर, होगी कार्रवाई; भ्रामक विज्ञापनों को लेकर सीसीपीए का नोटिस
विभिन्न कोचिंग सेंटर भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। इस बाबत सीसीपीए ने सख्त कदम उठाया है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण यानी सीसीपीए ने ऐसे कोचिंग संस्थानों से नियमों का पालन करने को कहा है। साथ ही चेतावनी भी दी है कि नियमों का पालन न करने की स्थिति में उन्हें कार्रवाई का सामना करना होगा।
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केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण यानी सीसीपीए ने कोचिंग सेंटरों को भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम के नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा है। बृहस्पतिवार को जारी नोटिस में कहा गया है कि विज्ञापनों में भ्रामक दावे न हों और छात्रों से महत्वपूर्ण जानकारी न छिपाई जाए। कोचिंग सेंटरों को सफलता की गारंटी का आश्वासन देने से बचना चाहिए। उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव निधि खरे ने कहा कि गारंटीड प्लेसमेंट या गारंटीड रैंक कहने वाले आईआईटी-जेईई कोचिंग सेंटरों को भ्रामक विज्ञापन का प्रथमदृष्टया दोषी पाया गया है। ऐसे कोचिंग संस्थानों को नोटिस दिया जा रहा है।
कोचिंग सेंटरों को विज्ञापनों में छात्र का नाम, रैंक, कोर्स का प्रकार और कोर्स के लिए भुगतान किया गया था या नहीं, सहित प्रमुख विवरणों का स्पष्ट रूप से खुलासा करना चाहिए। अस्वीकरण यानी डिस्क्लेमर को अन्य अहम जानकारी की तरह ही प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाना चाहिए।
आईआईटी-जेईई और एनईईटी जैसी परीक्षाओं के परिणामों की हाल ही में घोषणा के बाद सीसीपीए ने पाया कि कोचिंग सेंटर भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। जिन मामलों में नोटिस जारी किया गया है, उनमें प्लेसमेंट या चयन की गारंटी, जेईई या नीट में रैंक का आश्वासन, उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन, भ्रामक विज्ञापन, वादे के बाद भी सेवाएं नहीं देने के साथ प्रवेश रद्द करना लेकिन शुल्क वापस नहीं करना और सेवा शुल्क में कमी शामिल हैं।
24 कोचिंग सेंटर पर 77.6 लाख जुर्माना
सीसीपीए ने 49 नोटिस जारी किए हैं और 24 कोचिंग सेंटरों पर 77.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इन संस्थानों को भ्रामक विज्ञापन बंद करने का निर्देश दिया गया है। सीसीपीए ने इससे पहले यूपीएससी सीएसई, आईआईटी-जेईई, एनईईटी, आरबीआई, नाबार्ड सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सेवाएं देने वाले कोचिंग सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
कई प्रावधानों का हो रहा उल्लंघन
सीसीपीए ने कहा, भ्रामक विज्ञापन की रोकथाम के लिए दिशा-निर्देश, 2024 सहित अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन किया जा रहा है। ये दिशा-निर्देश इस क्षेत्र में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ाने के लिए तैयार किए गए हैं, ताकि छात्रों और उनके परिवारों को सच्ची जानकारी के आधार पर निर्णय लेने में मदद मिले। सीसीपीए ने पिछले तीन वर्षों में भ्रामक विज्ञापनों, अनुचित व्यापार प्रथाओं और कोचिंग सेंटरों की ओर से उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई की है।
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