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सीबीआई का आरोप: अनिल देशमुख के खिलाफ जांच प्रभावित करने के लिए 'बेशर्मी' से कोशिश कर रही महाराष्ट्र सरकार

Wed, 17 Nov 2021 07:50 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 17 Nov 2021 07:50 PM IST
सार

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही सीबीआई ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। एजेंसी ने कहा कि सरकार ने खुद तो मामले की जांच की नहीं और हमारी जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

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CBI tells Bombay High Court that Maharashtra Government is shamelessly trying to frustrate probe against Anil Deshmukh
बॉम्बे हाईकोर्ट - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट से कहा कि महाराष्ट्र सरकार राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार की जांच को प्रभावित करने के लिए बेशर्मी से कोशिशें कर रही है। सीबीआई ने आगे कहा कि राज्य सरकार को इस मामले में कोई राहत नहीं मिलनी चाहिए। महाराष्ट्र सरकार इस मामले में मुख्य सचिव सीताराम कुंते और वर्तमान पुलिस महानिदेशक संज पांडेय को जारी सीबीआई के समन रद्द करने की मांग कर रही है।

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सीबीआई की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अमन लेखी ने हाईकोर्ट को बताया कि महाराष्ट्र सरकार मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह की ओर से इस साल की शुरुआत में देशमुख के खिलाफ लगाए गए आरोपों और गलत आचरण के मामले में जांच की शुरुआत करने में असफल रही है। लेखी ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में जांच शुरू करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य थी। लेकिन, इसके बाद भी उसने कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया।
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लेखी ने आगे कहा कि जांच की शुरुआत करने के स्थान पर राज्य सरकार ने अनिल देशमुख के खिलाफ दर्ज सीबीआई की एफआईआर के कुछ हिस्सों को खत्म करने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया। एफआईआर के ये हिस्से मुंबई पुलिस के बर्खास्त एपीआई सचिन वाजे की 2020 में पुनर्नियुक्ति और अधिकारियों के तबादलों व नियुक्तियों को लेकर थे। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार जो जांच की जानी थी वह इस मामले में महाराष्ट्र सरकार की ओर से नहीं की गई।
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देशमुख के खिलाफ ईडी मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश का तबादला
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में देशमुख की रिमांड के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अर्जियों पर सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश एचएस सतभाई का तत्काल प्रभाव से यवतमाल तबादला कर दिया है। वह सांसदों और विधायकों से जुड़े अन्य मामलों की भी सुनवाई कर रहे थे। वह इस साल जुलाई से यहां की सत्र अदालत में सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहे थे। उन्होंने सोमवार को देशमुख को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था।

वाजे को न्यायिक हिरासत में भेजा
मुंबई में बुधवार को एक विशेष पीएमएलए अदालत ने बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में न्यायिक हिरासत में भेज दिया। 100 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगे जाने के इस मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख भी आरोपी हैं।


मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी चार्जशीट में वाजे को आरोपी बताया था, लेकिन इस मामले में उन्हें कभी गिरफ्तार नहीं किया। बल्कि प्रोडक्शन वारंट पर वाजे को मामले में विशेष न्यायाधीश एमजी देशपांडे के समक्ष पेश किया गया था। 

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