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Bribery Case: CBI ने रक्षा लेखा सेवा अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद कई जगहों पर की छापेमारी, 40 लाख नकद बरामद
Fri, 30 Dec 2022 04:34 PM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Fri, 30 Dec 2022 04:34 PM IST
सार
सीबीआई ने गुरुवार को 1998 बैच के आईडीएएस अधिकारी उमाशंकर प्रसाद कुशवाहा समेत सात लोगों को जयपुर से गिरफ्तार किया था।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सीबीआई ने 10 लाख रुपये की रिश्वत मामले में सेना की दक्षिण पश्चिमी कमान से जुड़े भारतीय रक्षा लेखा सेवा (आईडीएएस) के अधिकारी उमाशंकर प्रसाद कुशवाहा की गिरफ्तारी के बाद कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान 40 लाख रुपये नकद जब्त किए गए। सीबीआई अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। उमाशंकर वर्तमान में जयपुर में दक्षिण पश्चिमी कमान से एकीकृत वित्तीय सलाहकार (आईएफए) में तैनात थे।
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सीबीआई ने गुरुवार को 1998 बैच के आईडीएएस अधिकारी उमाशंकर प्रसाद कुशवाहा, आईएफए कार्यालय में तैनात लेखा अधिकारी रामरूप मीणा, जूनियर अनुवादक विजय नामा और तनुश्री सर्विसेज के कथित बिचौलिए राजेंद्र सिंह को जयपुर से गिरफ्तार किया था। अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को रिश्वतखोरी के आरोप में तीन निजी फर्मों के तीन लोगों को भी गिरफ्तार किया गया।
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आरोप है कि तीन निजी फर्मों के आरोपी एक साजिश में शामिल थे और दक्षिण पश्चिमी कमान में विभिन्न स्थानों के लिए सफाई सेवाओं की आउटसोर्सिंग से संबंधित सभी कार्य इन्हें मिल रहे थे। जीईएम के प्रावधानों को दरकिनार कर आउटसोर्सिंग के लिए रिश्वत देने के साथ-साथ बिना आपत्ति के बिलों का भुगतान किया जाता थी। कंपनियों ने बिना किसी आपत्ति के अपने बिलों की मंजूरी प्राप्त करने के लिए कथित तौर पर आईएफए अधिकारियों को रिश्वत देने की साजिश रची थी।
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अनुबंध नियमों का उल्लंघन कर रिश्वत लेते थे अधिकारी
सीबीआई का आरोप है कि कुशवाहा, मीणा, विजय नामा और राजेंद्र सिंह नियमित रूप से आरोपी निजी ठेकेदारों से उनके बिलों को चुकाने और अनुबंध प्राप्त करने में उनका पक्ष लेने के लिए दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर रिश्वत लेते थे। अधिकारियों ने कहा कि सभी गिरफ्तार आरोपियों को हरियाणा के पंचकूला में एक विशेष केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
सीबीआई प्रवक्ता ने कहा कि जयपुर, जींद, बठिंडा और गंगानगर सहित नौ अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली गई, जिसमें लगभग 40 लाख रुपये की नकदी, लोक सेवकों से संबंधित विभिन्न संपत्ति के दस्तावेज और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए।