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CBI: बंगाल में टीएमसी नेताओं के ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी, चुनाव बाद हिंसा से जुड़ा है मामला
Fri, 17 May 2024 06:41 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 17 May 2024 06:41 PM IST
सार
सीबीआई अफसर ने बताया कि पांडा और नंददुलाल के बेटे का नाम 52 अन्य आरोपियों के साथ एफआईआर में है। हिंसा में भाजपा कार्यकर्ता जन्मेजय दुलाई की मौत हुई थी।
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सीबीआई
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
सीबीआई ने शुक्रवार को बंगाल में टीएमसी के दो नेताओं के ठिकानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी साल 2021 में चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामले में छह भगोड़ों की तलाश में की गई। सीबीआई ने बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के काठी इलाके में टीएमसी नेताओं के ठिकानों पर छापा मारा। 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा में भाजपा के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई थी। सीबीआई ने बताया कि इस तलाशी का उद्देश्य छह फरार आरोपियों के ठिकानों का पता लगाना था। बता दें कि इन छह आरोपियों के खिलाफ एक विशेष अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है।
समन के बावजूद पेश नहीं हुए आरोपी
सीबीआई अफसरों की एक टीम ने काठी ब्लॉक नंबर 3 में टीएमसी नेता देबब्रत पांडा के घर छापेमारी की। साथ ही दूसरे ब्लॉक में टीएमसी नेता नंददुलाल मैती के घर पर भी कार्रवाई की। सीबीआई अफसर ने बताया कि पांडा और नंददुलाल के बेटे का नाम 52 अन्य आरोपियों के साथ एफआईआर में है। हिंसा में भाजपा कार्यकर्ता जन्मेजय दुलाई की मौत हुई थी। सीबीआई अफसरों ने बताया कि आरोपियों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। आरोपियों से पूछताछ भी होगी। अधिकारियों के मुताबिक चुनाव बाद हिंसा मामले में 30 आरोपियों को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन कोई भी नहीं पहुंचा, जिसके बाद सीबीआई ने छापेमारी की कार्रवाई की।
2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई थी हिंसा
मई 2021 को पश्चिम बंगाल विधानसभा के नतीजे आने के साथ ही बंगाल में हिंसा की घटनाएं हुईं। खासकर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने जगह जगह भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया। हिंसा के डर से कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने घर भी छोड़ दिए थे। हिंसा के डर से राजनीतिक कार्यकर्ताओं के घर छोड़ने का मामला कलकत्ता हाईकोर्ट भी पहुंचा था।
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समन के बावजूद पेश नहीं हुए आरोपी
सीबीआई अफसरों की एक टीम ने काठी ब्लॉक नंबर 3 में टीएमसी नेता देबब्रत पांडा के घर छापेमारी की। साथ ही दूसरे ब्लॉक में टीएमसी नेता नंददुलाल मैती के घर पर भी कार्रवाई की। सीबीआई अफसर ने बताया कि पांडा और नंददुलाल के बेटे का नाम 52 अन्य आरोपियों के साथ एफआईआर में है। हिंसा में भाजपा कार्यकर्ता जन्मेजय दुलाई की मौत हुई थी। सीबीआई अफसरों ने बताया कि आरोपियों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। आरोपियों से पूछताछ भी होगी। अधिकारियों के मुताबिक चुनाव बाद हिंसा मामले में 30 आरोपियों को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन कोई भी नहीं पहुंचा, जिसके बाद सीबीआई ने छापेमारी की कार्रवाई की।
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2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई थी हिंसा
मई 2021 को पश्चिम बंगाल विधानसभा के नतीजे आने के साथ ही बंगाल में हिंसा की घटनाएं हुईं। खासकर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने जगह जगह भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया। हिंसा के डर से कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने घर भी छोड़ दिए थे। हिंसा के डर से राजनीतिक कार्यकर्ताओं के घर छोड़ने का मामला कलकत्ता हाईकोर्ट भी पहुंचा था।
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