CBI: एप आधारित निवेश योजना में सीबीआई की कार्रवाई, 10 राज्यों में छापे में हुई छापेमारी, डिजिटल उपकरण जब्त
सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, दो निजी कंपनियों, शिगू टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड और लिलियन टेक्नोकैब प्राइवेट लिमिटेड व उनके निदेशकों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एचपीजेड टोकन एप से जुड़ी धोखाधड़ी वाली निवेश योजना में केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली समेत 10 राज्यों में 30 जगह छापा मारा। सीबीआई के मुताबिक, इस योजना के अंतर्गत लोगों को उन क्रिप्टो करेंसी माइनिंग मशीनों के कारोबार में निवेश के लिए गुमराह किया गया था, जो असल में थी ही नहीं। सीबीआई ने बुधवार को बताया कि मंगलवार रात देशव्यापी छापों की कार्रवाई पूरी हुई।
सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, दो निजी कंपनियों, शिगू टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड और लिलियन टेक्नोकैब प्राइवेट लिमिटेड व उनके निदेशकों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। छापों के दौरान दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान के जोधपुर, महाराष्ट्र के मुंबई, कर्नाटक में बंगलूरू व तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा व मध्य प्रदेश में कई जगहों से लैपटॉप, मोबाइल फोन, एटीएम और डेबिट कार्ड के अलावा बड़ी संख्या में ईमेल खातों समेत डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।
150 बैंक खातों का खुलासा
सीबीआई के मुताबिक, एचपीजेड एप-आधारित टोकन है, जो उपयोगकर्ताओं को बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टो करेंसी के लिए माइनिंग मशीनों में निवेश करके बड़े लाभ का वादा करता है। जालसाजों की कार्यशैली पीड़ितों को बिटकॉइन माइनिंग में उनके निवेश पर भारी रिटर्न के बहाने एचपीजेड टोकन एप में निवेश करने के लिए लुभाती थी। अब तक की जांच में निवेशकों से धन इकट्ठा करने के लिए इस्तेमाल किए गए आरोपियों से जुड़े 150 बैंक खातों का पता चला है। वसूले गए पैसे को भारत से बाहर हवाला के जरिये भेजा जाता था।