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सीबीआई को मिले राजीव कुमार के खिलाफ ठोस सबूत, छह दिन बाद हो सकती है गिरफ्तारी

Sat, 18 May 2019 06:45 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: Gaurav Pandey Updated Sat, 18 May 2019 06:45 PM IST
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CBI gets solid evidence against former Kolkata Police Commissioner Rajeev Kumar
पूर्व कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार (फाइल फोटो)

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दावा किया है कि उसने पूर्व कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार और सारदा ग्रुप के एक कर्मचारी के बीच पांच कॉल का पता लगाया है। यह कर्मचारी चिटफंड घोटाले के मास्टरमाइंड सुदीप्ता सेन को सीधे सूचना देता था। सीबीआई के एक शीर्ष अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एजेंसी के जांचकर्ता यह सिद्ध करने से अब कुछ ही दूर हैं कि पूर्व पुलिस कमिश्नर मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने में लिप्त थे। 

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यह कॉल्स तब की हैं जब राजीव कुमार बिधान नगर पुलिस आयुक्त थे और साल 2012-13 में कई करोड़ का पोंजी घोटाला सामने आया था। हालांकि, सीबीआई अधिकारी ने यह नहीं बताया कि जब वह कमिश्नर थे या विशेष जांच दल के प्रमुख बनने के बाद यह कॉल्स की गईं। 
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यह घोटाला और राजीव कुमार की कथित भागीदारी का मामला एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बल गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कह रही है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई नेता इसमें मिले हुए थे। वहीं, तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि भाजपा अपने राजनीतिक फायदे के लिए सीबीआई का इस्तेमाल कर रही है। 
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कभी टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के खास रहे मुकुल रॉय की इस मामले में संलिप्तता की बात उठी थी, लेकिन उन्होंने टीएमसी का दामन छोड़ भाजपा की सदस्यता ले ली। हाल के महीनों में, राजीव कुमार से पूछताछ करने के सीबीआई के प्रयासों को ममता बनर्जी और टीएमसी भाजपा का 'ग्रांड प्लान' बताते रहे हैं। 

इस सप्ताह की शुरुआत में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की एक रैली के दौरान हिंसा के बाद कुमार को गृह मंत्रालय में स्थानांतरित करने के चुनाव आयोग के फैसले से भी टीएमसी और ममता खुश नहीं हैं। ममता दावा कर रही हैं कि चुनाव आयोग सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। 

सुप्रीम कोर्ट द्वारा हस्तक्षेप करने के बाद वोडाफोन और एयरटेल ने सीबीआई के साथ सुदीप्ता सेन और देबजानी मुखर्जी से संबंधित पांच नंबरों की विस्तृत कॉल डिटेल की जानकारी साझा की थी। एजेंसी ने अदालत में कहा था कि पश्चिम बंगाल पुलिस और टेलीकॉम कंपनियां मामले में सहायता नहीं कर रही थीं और अदालत के आदेश के बावजूद सीमित कॉल डिटेल रिकॉर्ड साझा कर रही थीं। 

सीबीआई अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राजीव कुमार की गिरफ्तारी से सुरक्षा सात दिनों में यानी 24 मई को समाप्त हो जाएगी। उन्होंने बताया कि एजेंसी ने इस बात पर पहले ही विचार करना शुरू कर दिया है कि राजीव को कब गिरफ्तार किया जाए, क्योंकि हिरासत में पूछताछ कई राज खोलेगी। अधिकारी के मुताबिक राजीव की गिरफ्तारी का समय अब नजदीक है। 

अधिकारी ने कहा, 'यह जानने के लिए कि राजीव कुमार किसे बता रहे थे और घोटाले के आरोपी से उनके क्या संबंध हैं, उनसे हिरासत में पूछताछ करना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर फरवरी में शिलांग में पूछताछ के दौरान वह सहायता नहीं कर रहे थे।'

एक अन्य सीबीआई अधिकारी ने बताया कि एजेंसी के पास मौजूद सबूत न केवल राजीव कुमार को गिरफ्तार करने के लिए काफी हैं बल्कि उन्हें दोषी ठहराने के लिए भी पर्याप्त हैं। 

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