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सीबीआई ने अपने चार अधिकारियों के खिलाफ दाखिल किया आरोप पत्र
Sat, 20 Mar 2021 05:57 AM IST
Amit Mandal
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 20 Mar 2021 05:57 AM IST
सार
- 4300 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी में रिश्वत लेकर राहत देने का मामला
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CBI (file photo)
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विस्तार
सीबीआई ने शुक्रवार को अपने ही चार अधिकारियों के खिलाफ 4300 करोड़ रुपये से ज्यादा की दो बैंक धोखाधड़ी से जुड़े एक रिश्वत मामले में आरोप पत्र दाखिल किया। इन चारों अधिकारियों पर फ्रॉस्ट इंटरनेशनल व श्रीश्याम पल्प एंड बोर्ड मिल्स के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी की जांच के दौरान रिश्वत लेकर राहत देने का आरोप है।
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सीबीआई ने अपने दो डीएसपी आरके ऋषि और आरके सांगवान के अलावा इंस्पेक्टर कपिल धनखड़ व एक वकील के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इन चारों पर जांच एजेंसी के रिश्वतखोरी का कथित गिरोह चलाने का आरोप था, जिसकी मदद से ये बैंक कर्ज की रकम को ठिकाने लगाने की आरोपी कंपनियों की मदद करते थे। तीनों अधिकारियों को इस साल जनवरी में गिरफ्तार किया गया था। मुकदमे में श्रीश्याम पल्प एंड बोर्ड मिल्स की अतिरिक्त निदेशक मनदीप कौर ढिल्लों और फ्रॉस्ट इंटरनेशनल के निदेशकों सुजय देसाई व उदय देसाई को भी रिश्वत देने का आरोपी बनाया गया है। सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में एक स्टेनोग्राफर समीर कुमार सिंह को भी गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया।
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स्टेट बैंक से डेपुटेशन पर आया धनखड़ लीक करता था जानकारी
आरोपी कपिल धनखड़ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर था और वहां से डेपुटेशन पर एजेंसी के बैंकिंग सिक्योरिटी एंड फ्रॉड सेल में इंस्पेक्टर बनाया गया था। श्री श्याम पल्प के खिलाफ 700 करोड़ रुपये और फ्रॉस्ट इंटरनेशनल के खिलाफ 3600 करोड़ रुपये के कर्ज घोटालों की जांच से जुड़ी अहम जानकारियां धनखड़ से ऋषि और सांगवान को मिलती थी और वे ये जानकारियां आगे कंपनियों के प्रबंधन को दिया करते थे। बदले में उन्हें वेतन की तरह नियमित रकम मिल रही थी। स्टेनोग्राफर समीर कुमार सिंह भी बहुत सारे अन्य मामलों की जांच से जुड़ी गोपनीय टिप्पणियाें और निर्देशों की जानकारी सांगवान व ऋषि को लीक करता था ताकि आरोपी पहले से ही उसका बचाव तैयार कर सकें।
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लाखों रुपये की कमाई कर चुके आरोपी
सीबीआई के मुताबिक, धनखड़ को अब तक सांगवान और ऋषि से 10-10 लाख रुपये मिल चुके थे। ऋषि ने डिफेंस कॉलोनी में ऑफिस रखने वाले वकीलों मलिक व गुप्ता के जरिये दो बार 15 लाख रुपये चंडीगढ़ की एक कंपनी से लिए थे। धनखड़ को भी ऋषि के जरिये दो बार गुप्ता से 2.5 लाख रुपये मिले थे।