फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CBI Dispute : Supreme Court to hear Alok Verma's plea today

2 सप्ताह में आलोक वर्मा मामले की जांच पूरी करे सीवीसी, नागेश्वर नहीं लेंगे नीतिगत फैसले

Fri, 26 Oct 2018 05:06 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 26 Oct 2018 05:06 AM IST
विज्ञापन
CBI Dispute : Supreme Court to hear Alok Verma's plea today
सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई की। पीठ में न्यायाधीश गोगोई के साथ जस्टिस एके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ शामिल थे। आलोक वर्मा का केस नंबर 41 था। आलोक वर्मा की तरफ से वकील फली एस नरीमन तो अस्थाना की तरफ से मुकुल रोहतगी न्यायालय में पेश हुए। वर्मा ने छुट्टी पर भेजे जाने के 23 अक्तूबर के फैसले और नागेश्वर राव को सीबीआई प्रमुख बनाने को न्यायालय में चुनौती दी थी।

विज्ञापन


सीबीआई प्रमुख वर्मा के वकील फली एस नरीमन ने न्यायालय को बताया कि इस मामले को कोर्ट में इसलिए लाया गया है ताकि यह जाना जा सके कि क्या सीबीआई निदेशक के दो वर्ष के कार्यकाल को किसी भी समय समाप्त किया जा सकता है? सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने सीवीसी को आदेश देते हुए कहा कि वह अपनी जांच 10 दिनों या दो हफ्तों के भीतर पूरी करे। इस जांच को सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में पूरा किया जाना होगा। आलोक वर्मा कोई फैसले न लें, केवल रूटीन कार्य करते रहें। उच्चतम न्यायालय ने उच्चतम न्यायालय के ही सेवानिवृत्त जस्टिस एके पटनायक की निगरानी में सीवीसी से जांच पूरी करने के लिए कहा है।
विज्ञापन


महाधिवक्ता तुषार मेहता ने न्यायालय से कहा कि दो हफ्ते जांच पूरी करने के लिए काफी नहीं हैं। साथ ही उन्होंने उच्चतम न्यायालय के जज की अध्यक्षता में सीवीसी की जांच का भी विरोध किया। न्यायालय ने सीबीआई से कहा है कि वह 23 अक्तूबर से लेकर अबतक की सभी आदेशों की जानकारी बंद लिफाफे में अदालत को सौंपे। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव कोई नीतिगत फैसला नहीं लेंगे तथा केंद्र सरकार से पूरे मामले की रिपोर्ट भी मांगी है। अपने फैसले में न्यायालय ने कहा कि आलोक वर्मा दिवाली तक अपने दफ्तर नहीं जाएंगे। इस मामले की अगली सुनवाई अब 12 नवंबर को होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


जानें कौन हैं सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के वकील मुकुल रोहतगी

भारत के 14वें अटार्नी जनरल रहे मुकुल रोहतगी देश के जाने माने वकीलों में शामिल हैं। इन्होंने 19 जून 2014 को कार्यभार संभाला था। रोहतगी ने 2002 के गुजरात दंगे के अलावा फर्जी मुठभेड़ मामले में भी राज्य सरकार का पक्ष सुप्रीम कोर्ट में रखा है। मुकुल रोहतगी कई मौकों पर सुप्रीम कोर्ट में केन्द्र सरकार का पक्ष रख चुके हैं।

जानें कौन हैं सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के वकील फली एस नरीमन

 वरिष्ठ वकील फली एस नरीमन मई 1972 से 1015 तक भारत के एडिशनल सालिसिटर जनरल रहे हैं। इनके कार्यों को देखते हुए साल 1991 में पद्मभूषण और 2007 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा चुका है। यह वर्ष 1999 से 2005 तक राज्यसभा के मनोनीत सदस्य भी रह चुके हैं।

वर्मा ने मंगलवार देर रात 2 बजे छुट्टी पर भेजे जाने के बाद बुधवार सुबह उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। वहीं सीबीआई निदेशक वर्मा को बहाल करने की मांग को लेकर कांग्रेस आज देशभर में सीबीआई दफ्तरों के बाहर धरना प्रदर्शन करने की तैयारी में है। इस बारे में ट्वीट करते हुए गांधी ने कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी में सीजीओ परिसर में सीबीआई मुख्यालय के बाहर पार्टी के प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे।

सुनवाई से पहले सीबीआई ने दी 'सफाई', पदों पर बने रहेंगे वर्मा और अस्थाना

राहुल ने कहा कि शुक्रवार को देशभर में सीबीआई के कार्यालयों के बाहर कांग्रेस पार्टी सीबीआई प्रमुख को हटाकर राफेल घोटाले में जांच को रोकने के प्रधानमंत्री के शर्मनाक प्रयास का विरोध करेगी। मैं सुबह 11 बजे दिल्ली में सीबीआई मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन का नेतृत्व करूंगा।’ पार्टी सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस सीबीआई निदेशक वर्मा के खिलाफ आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे प्रकरण पर देश से माफी मांगने की मांग करेगी। 

वर्मा की बात करें तो उन्होंने कार्मिक विभाग के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की है। दरअसल, वर्मा और जांच एजेंसी के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच जारी खींचतान के मामले में केंद्र, सीवीसी व कार्मिक विभाग ने हस्तक्षेप करते हुए मंगलवार रात से दोनों को छुट्टी पर भेजने का फैसला किया था। 

सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि एजेंसी के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को हटाया नहीं गया है। दोनों अपने पद पर बने रहेंगे। जब तक केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) मामले की जांच कर रहा है, तब तक एम नागेश्वर राव सीबीआई निदेशक का कार्यभार संभालेंगे। 

सीबीआई प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी की विश्वसनीयता और छवि में गिरावट से उन सभी मामलों पर असर पड़ेगा, जिन्हें हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लड़ रहे हैं। हमारे सभी कदम एजेंसी की अच्छी छवि बनाए रखने के लिए हैं। 

सीबीआई हेडक्वार्टर के आगे कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए आस पास सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। कांग्रेस नेता जयवीर शेरगिल ने कहा कि मोदी सरकार राफेल में हुए घोटाले से घबरा गई है। इसलिए उन्होंने सीबीआई को तोड़ा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, मोदीतंत्र को हराएगा, सत्य की विजय होगी।

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के प्रमुख बिंदु
 

  • - 2 सप्ताह में आलोक वर्मा मामले की जांच पूरी करे सीवीसी, नागेश्वर नहीं लेंगे नीतिगत फैसले
  • - आलोक वर्मा को फिलहाल राहत नहीं, सीवीसी की जांच पूर्व जज की निगरानी में, समयबद्ध जांच के आदेश
  • - सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एके पटनायक की निगरानी में सीवीसी करेगी एसआईटी जांच
  • - दो सप्ताह में जांच रिपोर्ट दें, मामले को ज्यादा न लटकाने की हिदायत
  • - तब तक सीबीआई के अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव और सीवीसी नीतिगत फैसले नहीं लेंगे
  • - नागेश्वर राव हर फैसले से सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराते रहेंगे, सीवीसी की जांच रिपोर्ट सीलबंद दें
  • - दिवाली के बाद होगी मामले की सुनवाई
  • - सुनवाई से पहले सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में साफ किया
  • - दोनों अधिकारी हटाए नहीं गए, जांच तक छुट्टी पर
  • - आलोक वर्मा के बाद अब राकेश अस्थाना भी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, जबरन छुट्टी पर भेजे जाने को गलत बताया
  • - राकेश अस्थाना की अर्जी पर बाद में सुनवाई होगी
  • - पूरे मामले की एसआईटी जांच अदालत की निगरानी वाली याचिका मंजूर, निगरानी जस्टिस का नाम तय
  • - मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली तीन न्यायीधीशों की पीठ ने इन मामलों की सुनवाई की
  • - समयबद्ध जांच के आदेश देकर सरकार ने इस मामले में फिलहाल सीवीसी
  • - सरकार के लिए चुनौती भी पैदा कर दी है
  • - नरीमन आलोक वर्मा के पैरवीकार, मुकुल रोहतगी राकेश अस्थाना के
  • - सरकार की ओर से अटार्नी जनरल, सीवीसी की ओर से सॉलिसिटर जनरल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed