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West Bengal: CBI की विशेष अदालत ने टीएमसी नेता की जमानत याचिका की खारिज, 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा
Wed, 07 Sep 2022 05:53 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आसनसोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आसनसोल
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Wed, 07 Sep 2022 05:53 PM IST
सार
सीबीआई की विशेष अदालत ने अनुब्रत मंडल की जमानत याचिका खारिज करते हुए 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा है। उनके वकील की तरफ से दायर की गई जमानत याचिका में घर पर इलाज करने की बात कही गई।
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पुलिस के साथ अनुब्रत मंडल(फाइल)
- फोटो : Twitter
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विस्तार
आसनसोल में सीबीआई की विशेष अदालत ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनुब्रत मंडल की जमानत याचिका खारिज कर दी। सीबीआई की विशेष अदालत ने जांच एजेंसी की प्रार्थना पर मंडल को और 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज है। उनके वकील की तरफ से दायर की गई जमानत याचिका में घर पर इलाज करने की बात कही गई।
सीबीआई के वकील ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि वह एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं। रिहा होने पर मामले में गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। मंडल को सीबीआई ने 11 अगस्त को कथित पशु तस्करी की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। अनुब्रत मंडल 9 बार सीबीआई के अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुए थे। उन्हें बार—बार पूछताछ के लिए समन जारी किया गया। लेकिन उनका असहयोग वाला रवैया रहा।
मंडल के वकील ने दायर की जमानत याचिका में उनकी बीमारी का हवाला दिया। याचिका में कहा गया कि उनके मुवक्किल को घर पर इलाज करने की जरूरत है। दूसरा तर्क यह भी दिया गया कि, सीमा पार मवेशियों की तस्करी मुख्य रूप से भारत-बांग्लादेश सीमावर्ती जिले मुर्शिदाबाद से होती थी, मंडल का इससे कोई संबंध नहीं था।
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सीबीआई की तरफ से प्रतिवाद में कहा कि मंडल प्रभावशाली नेता है। मंडल सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते है। इसके अलावा जमानत पर रिहा होने के बाद गवाहों को प्रभावित कर सकते है। सीबीआई के वकील ने कहा कि जांच एजेंसियों के पास पर्याप्त सबूत हैं। जमानत याचिका खारिज करते हुए सीबीआई की अदालत ने मंडल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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सीबीआई के वकील ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि वह एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं। रिहा होने पर मामले में गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। मंडल को सीबीआई ने 11 अगस्त को कथित पशु तस्करी की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। अनुब्रत मंडल 9 बार सीबीआई के अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुए थे। उन्हें बार—बार पूछताछ के लिए समन जारी किया गया। लेकिन उनका असहयोग वाला रवैया रहा।
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मंडल के वकील ने दायर की जमानत याचिका में उनकी बीमारी का हवाला दिया। याचिका में कहा गया कि उनके मुवक्किल को घर पर इलाज करने की जरूरत है। दूसरा तर्क यह भी दिया गया कि, सीमा पार मवेशियों की तस्करी मुख्य रूप से भारत-बांग्लादेश सीमावर्ती जिले मुर्शिदाबाद से होती थी, मंडल का इससे कोई संबंध नहीं था।
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सीबीआई की तरफ से प्रतिवाद में कहा कि मंडल प्रभावशाली नेता है। मंडल सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते है। इसके अलावा जमानत पर रिहा होने के बाद गवाहों को प्रभावित कर सकते है। सीबीआई के वकील ने कहा कि जांच एजेंसियों के पास पर्याप्त सबूत हैं। जमानत याचिका खारिज करते हुए सीबीआई की अदालत ने मंडल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।