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सीबीआई का खुलासा: बाल यौन उत्पीड़न सामग्री बेचने वाले आरोपियों ने मैसेंजर एप पर बना रखे थे 20 चैनल

Fri, 23 Oct 2020 06:59 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 23 Oct 2020 06:59 PM IST
सार

सीबीआई के मुताबिक, मुख्य आरोपी दिल्ली का रहने वाला है। बाकी के अज्ञात आरोपी भी आसपास के ही बताए जा रहे हैं। इन लोगों ने अश्लील सामग्री बेचने के लिए तकनीकी सिस्टम तैयार कर रखा था...

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CBI books a person for selling child abuse material online through messanger app
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

सीबीआई ने बाल यौन उत्पीड़न सामग्री का प्रचार प्रसार करने यानी उसे बेचने के मामले में एक शख्स के अलावा कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपी ने बाल यौन उत्पीड़न सामग्री, बेचने के लिए टेलीग्राम एप पर 20 चैनल बना रखे थे। इसके अलावा तीन अलग-अलग अकाउंट भी बनाए गए थे। इनमें से एक अकाउंट के जरिये अश्लील सामग्री वाले फोटो और वीडियो बेचना और बाकी के दो अकाउंट पर बाल यौन उत्पीड़न सामग्री के वीडियो बेचने के लिए विज्ञापन दिया जाता था। एक लिंक भेजने की एवज में 250 रुपये लिए जाते थे। सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ पोस्को एक्ट एवं आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

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सीबीआई के मुताबिक, मुख्य आरोपी दिल्ली का रहने वाला है। बाकी के अज्ञात आरोपी भी आसपास के ही बताए जा रहे हैं। इन लोगों ने अश्लील सामग्री बेचने के लिए तकनीकी सिस्टम तैयार कर रखा था। यह सामग्री रात के किस पहर में, कब जारी करनी है, किस अकाउंट से जारी होनी है और उसका पेमेंट मोड क्या रहेगा, ये बातें पहले ही तय कर ली जाती थीं। आरोपियों ने तीन अकाउंट के अलावा करीब बीस चैनल और ग्रुप भी टेलीग्राम एप पर बना रखे थे। इनके जरिए अश्लील सामग्री और वीडियो बेचे जाते थे।
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ग्राहकों के भी अलग-अलग समूह बनाए गए थे। इनमें बहुत से ग्राहक ऐसे भी थे जो बाल यौन उत्पीड़न सामग्री से जुड़े फोटो या वीडियो लेना पसंद करते थे। इसके लिए अलग से अकाउंट तैयार किया गया। दो अकाउंट का इस्तेमाल विज्ञापन देने के लिए होता था। यानी इसके जरिए नए ग्राहक बनाए जाते थे। विज्ञापन में एक संदेश रहता था, जिसे पढ़कर किसी भी व्यक्ति को यह पता चल जाता है कि यहां पर अश्लील सामग्री बेची जाती है।
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जिस व्यक्ति को ऐसी सामग्री खरीदनी होती थी, वो पेटीएम के जरिए एक निर्धारित राशि का भुगतान कर देता था। गूगल पे का विकल्प भी रखा गया। जैसे ही पेमेंट आने का अलर्ट मिलता, संबंधित ग्राहक को टेलीग्राम चैनल का लिंक भेज दिया जाता था। एक लिंक की कीमत 250 रुपये रखी गई थी। इसमें बाल यौन उत्पीड़न सामग्री भी शामिल होती थी। सीबीआई ने दिल्ली में आरोपियों के कई ठिकानों पर छापा मारा था। वहां से मिले मोबाइल फोन के डाटा का विश्लेषण किया जा रहा है।

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