नोटों की अदला-बदली के आरोप में धरे गए आरबीआई के दो और अधिकारी
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नोटबंदी के बाद से यह बात सामने आ रही है कि कालेधन को ठिकाने लगाने के लिए बैंकों के कुछ कर्मचारी और अधिकारी भी शामिल हैं। ऐसे ही मामले में सीबीआई ने शनिवार को बंगलुरु की आरबीआई शाखा के नकदी विभाग में काम करने वाले सीनियर स्पेशल असिस्टेंट सदानंद नायक और स्पेशल असिस्टेंट एके केविन को गिरफ्तार किया है। दोनों अधिकारियों पर बैन किए गए पुराने नोटों को नए नोटों से गैरकानूनी तरीक से बदलने का आरोप है।
इससे पहले सीबीआई ने बेंगलुरु से ही कमीशन लेकर नोट बदलने के आरोप में आरबीआई के एक वरिष्ट अधिकारी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। बताया गया था कि सीबीआई ने आरोपियों से करीब 17 लाख कैश भी बरामद किया था।
घटना बीते मंगलवार की है। सीबीआई ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए बेंगलुरु में आरबीआई शाखा में सीनियर स्पेशल असिस्टेंट के पद पर तैनात के माइकल को कमीशन लेकर नोट बदलने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
बैंकों के कर्मचारियों की मिलीभगत लगा रही सरकार के सपने में पलीता
आरबीआई सूत्रों के मुताबिक आरोपी दलालों के साथ मिलकर ब्लैक मनी को व्हाइट करने का काम कर रहे थे। सीबीआई ने एसबीआई मैसूर में 1.5 करोड़ रुपये के लेन-देन के मामले में दो लोगों का गिरफ्तार किया था।
नोटबंदी के बाद से अब तक कई जगहों पर छापेमारी में करोड़ों की रकम के नए नोट भी बरामद किए जा चुके हैं। हाल ही में एक निजी बैंक का नाम भी जोरशोर नोटों के भ्रष्टाचार में सामने आया था। केंद्र सरकार कालेधन और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की मुहिम चला रही है, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद ऐसी खबरें रुक नहीं रही हैं।