{"_id":"65605bbf7dc5d19c51056ed3","slug":"cauvery-panel-directs-karnataka-to-release-3216-cusecs-water-every-day-to-tamil-nadu-for-next-38-days-2023-11-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"CWRC: तमिलनाडु के लिए खुशखबरी, आज से अगले 38 दिनों तक मिलेगा हर दिन 216 क्यूसेक पानी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
CWRC: तमिलनाडु के लिए खुशखबरी, आज से अगले 38 दिनों तक मिलेगा हर दिन 216 क्यूसेक पानी
Fri, 24 Nov 2023 01:46 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Fri, 24 Nov 2023 01:46 PM IST
सार
कावेरी जल विनियमन समिति ने गुरुवार को कर्नाटक सरकार को 24 नवंबर से अगले 38 दिनों तक तमिलनाडु को हर दिन 3216 क्यूसेक पानी छोड़ने की सिफारिश की है। हालांकि, इस दौरान कर्नाटक ने अपना पक्ष रखा।
विज्ञापन
Cauvery controversy
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तमिलनाडु की सरकार और यहां के लोगों के लिए खुशखबरी है। आज से अगले 38 दिनों तक तमिलनाडु को हर दिन 3216 क्यूसेक पानी मिलेगा। ऐसे में, कावेरी जल छोड़ने को लेकर चल रहा विवाद कुछ समय के लिए थमता दिख रहा है।
विज्ञापन
सीडब्ल्यूआरसी की सिफारिश
दरअसल, कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) ने गुरुवार को कर्नाटक सरकार को 24 नवंबर से अगले 38 दिनों तक तमिलनाडु को हर दिन 3216 क्यूसेक पानी छोड़ने की सिफारिश की है। हालांकि, कर्नाटक ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 22 नवंबर तक राज्य के चार जलाशयों में संचयी प्रवाह में 52.24 फीसदी की कमी है।
विज्ञापन
बिलीगुंडलू में पानी की जरूरत
पैनल के अनुसार, सीडब्ल्यूआरसी ने सिफारिश की थी कि कर्नाटक को इस साल नवंबर और दिसंबर की शेष अवधि के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा संशोधित कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण (सीडब्ल्यूडीटी) अवार्ड के अनुसार प्रवाह की निर्धारित मात्रा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। 24 नवंबर से 31 दिसंबर तक बिलीगुंडलू में प्रतिदिन 3216 क्यूसेक पानी की जरूरत महसूस हुई है।
विज्ञापन
दिल्ली में हुई थी बैठक
दिल्ली में सीडब्ल्यूआरसी विचार-विमर्श के दौरान, कर्नाटक ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने एक अक्तूबर से तमिलनाडु में वर्षा होने की जानकारी दी है, इससे उम्मीद है कि तमिलनाडु की पानी की कमी की शिकायत खत्म हो जाएगी। 22 नवंबर तक कर्नाटक के चार जलाशयों में संचयी प्रवाह में 52.24 प्रतिशत की कमी है।
कर्नाटक का अपना दुख
कर्नाटक सरकार ने आगे कहा था कि राज्य के चार जलाशयों में पानी का प्रवाह बंद हो गया है और 21 नवंबर तक इन जलाशयों में मौजूदा भंडारण सिंचाई, पीने और अन्य घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है। तमिलनाडु ने अपनी दलील में मांग की थी कि कर्नाटक को अगले 30 दिनों के लिए पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ना होगा।
इससे पहले अक्तूबर में भी दिया था निर्देश
कर्नाटक ने कहा था कि राज्य बिलीगुंडलू तक पहुंचने के लिए अपने जलाशयों से कोई भी पानी नहीं छोड़ पाएगा, सिवाय इसके कि अनियंत्रित जलग्रहण क्षेत्र से इसमें योगदान दिया जाएगा। इसके अलावा, राज्य ने समिति के समक्ष कर्नाटक के जलाशय से किसी भी जल निकासी के लिए निर्देश नहीं देने का अनुरोध किया था। इस साल की शुरुआत में अक्तूबर में, सीडब्ल्यूआरसी ने कर्नाटक सरकार को इस साल एक और 15 नवंबर तक हर दिन 2,600 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया था।