Gujarat: AAP नेता के खिलाफ FIR दर्ज, 'मन की बात' कार्यक्रम को लेकर झूठा दावा करने का आरोप
गढ़वी ने 28 अप्रैल को एक ट्वीट में दावा किया, "मन की बात के एक एपिसोड की कीमत 8.3 करोड़ रुपये है! इसका मतलब है कि केंद्र ने अब तक 100 एपिसोड पर 830 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
विस्तार
पुलिस ने आम आदमी पार्टी (आप) के गुजरात प्रमुख इसुदान गढ़वी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन्होंने कथित तौर पर ट्वीट में दावा किया था कि केंद्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम के 100वें एपिसोड के मौके पर करदाताओं के 830 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि गढ़वी ने बिना किसी प्रासंगिक डाटा के यह दावा किया जिसके बाद शनिवार को यह मामला दर्ज किया गया। हालांकि, गढ़वी ने यह ट्वीट हटा दिया है। आप ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस तरह का झूठे मुकदमे के जरिए उसके नेताओं को निशाना बना रही है। पीएम मोदी के 'मन की बात' रेडियो संबोधन की 100वीं कड़ी रविवार को प्रसारित की गई।
आप नेता ने ट्वीट में किया था यह दावा
गढ़वी ने 28 अप्रैल को एक ट्वीट में दावा किया, "मन की बात के एक एपिसोड की कीमत 8.3 करोड़ रुपये है! इसका मतलब है कि केंद्र ने अब तक 100 एपिसोड पर 830 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह बहुत ज्यादा है। भाजपा कार्यकर्ताओं को अपना विरोध दर्ज कराना चाहिए, क्योंकि ज्यादातर वे ही इस कार्यक्रम को सुनते हैं।"
गढ़वी के खिलाफ आईपीसी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज
साइबर अपराध के सहायक पुलिस आयुक्त जेएम यादव ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ट्वीट का संज्ञान लेते हुए अहमदाबाद साइबर अपराध शाखा ने 29 अप्रैल को गढ़वी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
उन्होंने कहा, गढ़वी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना), 500 (मानहानि), 505 (1) (बी) और (सी) (जनता में डर या भ्रम पैदा करने के इरादे से अफवाह या रिपोर्ट प्रकाशित करना, या लोगों को राज्य या सार्वजनिक शांति के खिलाफ अपराध करने के लिए उकसाना) और 505 (2) (शत्रुता पैदा करने या बढ़ावा देने वाले बयान या वर्गों के बीच नफरत फैलाने वाला बयान) सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
साइबर पुलिस ने कहा- इकट्ठा कर रहे सबूत, फिर करेंगे कार्रवाई
उन्होंने कहा, "सरकार की ओर से पुलिस शिकायतकर्ता है। साइबर अपराध शाखा में 29 अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज की गई थी जब यह पाया गया कि गढ़वी ने अपने दावे के समर्थन में किसी विश्वसनीय डाटा के बिना 'मन की बात' के खिलाफ ट्वीट किया। हम सबूत इकट्ठा करेंगे और फिर आगे बढ़ेंगे। उन्हें अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।"
पीआईबी फैक्ट चेक ने आप नेता के दावे को बताया भ्रामक
पीआईबी फैक्ट चेक के ट्विटर हैंडल ने रविवार को गढ़वी के ट्वीट का स्क्रीनशॉट टैग किया और कहा कि आप नेता का यह दावा 'भ्रामक' है कि 'मन की बात' पर 830 करोड़ रुपये खर्च किए गए। पीआईबी फैक्ट चेक ने ट्वीट किया, "यह दावा भ्रामक है। मन की बात के विज्ञापनों का अब तक का कुल आंकड़ा 8.3 करोड़ रुपये है, केवल एक एपिसोड के लिए नहीं। ट्वीट मानता है कि प्रत्येक एपिसोड विज्ञापनों द्वारा समर्थित है। जो गलत है।"
आम आदमी पार्टी ने दी यह प्रतिक्रिया
आप के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव और गुजरात पार्टी के पूर्व प्रमुख गोपाल इटालिया ने दावा किया कि गढ़वी के खिलाफ झूठे आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। इटालिया ने कहा, 'गढ़वी पर एक ट्वीट को लेकर मामला दर्ज किया गया है। इससे पता चलता है कि भाजपा आप से कैसे डरती है। भाजपा और उसकी सरकार ने हमें रोकने और तोड़ने के लिए हमारे खिलाफ बार-बार झूठी एफआईआर दर्ज की है। लेकिन, हम लड़ना जारी रखेंगे।