CAPF/CPO: यहां IPS डीआईजी के 90 फीसदी पद खाली, मंजूरी के बाद भी 'आईजी' नहीं बने CRPF DIG
देश की पहली पंक्ति वाली बॉर्डर गार्ड फोर्स में मंत्रालय की सूची के अनुसार, तीन ही आईपीएस डीआईजी कार्यरत हैं। बीएसएफ के पूर्व एडीजी संजीव कृष्ण सूद का कहना है कि आईपीएस को ज्वाइनिंग से भागना नहीं चाहिए। ड्यूटी तो ड्यूटी है, वह हर समय सुविधाजनक रहे, ये मुमकिन नहीं है...
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केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, जांच एजेंसियां एवं दूसरे कई संगठनों में आईपीएस डीआईजी के लिए आरक्षित पदों में से लगभग 90 फीसदी तक पद खाली पड़े हैं। इस वजह से सीआरपीएफ एवं बीएसएफ जैसे केंद्रीय बलों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर आईपीएस डीआईजी ज्वाइन नहीं कर रहे, तो दूसरी ओर कैडर अफसरों को स्थायी पदोन्नति देकर डीआईजी नहीं बनाया जा रहा। उन्हें अस्थायी तौर पर छह माह या एक साल के लिए पदोन्नति दी जाती है। मतलब, इस बीच आईपीएस डीआईजी ने ज्वाइन कर लिया तो कैडर अफसरों को दोबारा से पहली वाली रैंक पर आना पड़ता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की 29 अप्रैल 2022 की सूची के मुताबिक, सीआरपीएफ में आईपीएस डीआईजी के 39 पद स्वीकृत हैं, लेकिन मौजूदा समय में केवल एक ही आईपीएस डीआईजी है। मजबूरन आईपीएस डीआईजी के 30 पद कैडर अफसरों को डायवर्ट करने पड़े। इसके बाद भी सात पद रिक्त रह गए हैं।
आईपीएस डीआईजी को बीएसएफ भी नहीं आ रही पसंद
बीएसएफ में भी कुछ ऐसा ही हाल है। यहां पर आईपीएस डीआईजी के 26 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 15 पद कैडर अधिकारियों को डायवर्ट कर दिए गए। इसके बाद भी आठ पद खाली पड़े हैं। यानी देश की पहली पंक्ति वाली बॉर्डर गार्ड फोर्स में मंत्रालय की सूची के अनुसार, तीन ही आईपीएस डीआईजी कार्यरत हैं। बीएसएफ के पूर्व एडीजी संजीव कृष्ण सूद का कहना है कि आईपीएस को ज्वाइनिंग से भागना नहीं चाहिए। ड्यूटी तो ड्यूटी है, वह हर समय सुविधाजनक रहे, ये मुमकिन नहीं है। बीएसएफ तो देश का प्रमुख प्रहरी बल है। कैडर अधिकारी भी तो वर्षों तक बॉर्डर ड्यूटी देते हैं। तपते रेगिस्तान में बॉर्डर गार्ड का जिम्मा संभालते हैं। यहीं से रिटायर हो जाते हैं। आईपीएस द्वारा केवल इसलिए ज्वाइन नहीं करना कि हार्ड पोस्टिंग मिलेगी, ये तो गलत है। अगर वे नहीं आना चाहते तो उनके लिए आरक्षित पदों पर कैडर अधिकारियों को स्थायी तौर से पदोन्नति दे दी जाए।
सीआईएसएफ, एसएसबी व एनसीआरबी भी अछूती नहीं...
सीआईएसएफ में आईपीएस डीआईजी के 20 पद स्वीकृत हैं। मौजूदा समय में 15 पद खाली हैं। एसएसबी में 25 पद आईपीएस के लिए आरक्षित हैं। जब पद खाली रह गए तो 13 पद कैडर अधिकारियों को अस्थायी तौर से दे दिए गए। हैरानी की बात तो ये है कि इसके बाद भी 10 पर रिक्त पड़े हैं। मतलब, केवल दो पदों पर आईपीएस डीआईजी कार्यरत हैं। आईबी में आईपीएस डीआईजी के 63 पद हैं। इसमें से 34 पद खाली हैं। आईटीबीपी में आईपीएस डीआईजी के लिए 10 पद स्वीकृत हैं, जिसमें से छह पद खाली हैं। एनसीआरबी में आईपीएस डीआईजी के तीन पद हैं, तीनों ही खाली पड़े हैं। एनईपीए में एक पद रिजर्व है, वह भी खाली है। एनएसजी में दो पद हैं, एक रिक्त है। सीआरपीएफ में दर्जनभर डीआईजी को आईजी पदोन्नत करने के लिए जनवरी में डीपीसी की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन अभी तक उन्हें नया रैंक नहीं मिल सका।