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सीएपीएफ: जंतर-मंतर पर धरने के लिए 90 दिन पहले दिल्ली पुलिस से मांगी थी इजाजत, अब व्हाट्सएप पर क्या मिला जवाब?
Fri, 06 Nov 2026 10:27 PM IST
पवन पांडेय
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 06 Nov 2026 10:27 PM IST
सार
अर्धसैनिक बलों के पूर्व जवानों के संगठन को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। संगठन ने 12 से 18 नवंबर तक सात दिन की भूख हड़ताल का नोटिस दिया था। अब 12 और 18 नवंबर को केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन के पास और 13 से 17 नवंबर तक वीके कृष्णा मेनन भवन में प्रदर्शन किया जाएगा।
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जंतर मंतर
- फोटो : Instagram
विस्तार
अलायंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन ने जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करने के लिए 90 दिन पहले दिल्ली पुलिस से इजाजत मांगी थी। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की तरफ से एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह के व्हाट्सएप पर जवाब मिला है कि यहां पर धरना-प्रदर्शन 'बैन' है। एसोसिएशन द्वारा दिल्ली पुलिस के अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय को भी इस बाबत अवगत कराया गया था।
रणबीर सिंह के मुताबिक, जंतर-मंतर व तमाम दिल्ली एनसीआर की सुरक्षा के लिए पैरामिलिट्री जवानों को तैनात किया जाता है। जब इन बलों की जायज मांगों के लिए अलायंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन, गांधीवादी तरीके से सत्याग्रह करें तो गृह मंत्रालय उसकी परमिशन नहीं देता। एसोसिएशन ने जंतर-मंतर पर 12 से 18 नवम्बर तक सात दिन के लिए भूख हड़ताल का नोटिस दिया था। अब एक सप्ताह पहले व्हाट्सएप के जरिए दिल्ली पुलिस यह सूचना दे रही है कि जंतर-मंतर को धरना प्रदर्शन के लिए बैन कर दिया गया है। यहां कोई प्रदर्शन नहीं हो सकता।
अलायंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन, अब अब 12 नवम्बर व 18 नवम्बर को प्रैस क्लब आफ इंडिया के निकट केंद्रीय सचिवालय मैट्रो स्टेशन व 13 नवम्बर से 17 नवम्बर तक लगातार इंडियन सोसाइटी ऑफ इंटरनेशनल लॉ (वीके कृष्णा मेनन भवन) भगवान दास रोड नई दिल्ली पर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाएंगे। इस मौके पर अलग-अलग 18 प्रदेशों की एक्स पैरामिलिट्री वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
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देश के लोगों को बताया जाएगा कि केंद्र सरकार द्वारा अर्धसैनिक बलों के हितों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। दिल्ली हाईकोर्ट ने इन बलों में पुरानी पेंशन बहाली का फैसला दिया था, लेकिन केंद्र सरकार उसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चली गई। सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले को अधर में लटका दिया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीएपीएफ के कैडर अफसरों को 'ऑर्गेनाइज्ड ग्रुप ए सर्विस' का दर्जा देने के हक में सुनाए गए फैसले को सरकार ने लागू नहीं किया। इसके विपरित सरकार ने संसद में काला कानून पास कर सीएपीएफ के 13 हजार कैडर अधिकारियों के समयबद्ध पदोन्नति आदेश पर अंकुश लगा दिया। अर्धसैनिक कल्याण बोर्डों के गठन व अर्धसैनिक झंडा दिवस कोष, इस मांग को बार-बार अनदेखा किया गया।
पिछले 11 वर्षों से प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री जी व गृह सचिव को मुलाकात के लिए सैकड़ों ई-मेल व टेलिफोन किए गए, लेकिन दुख की बात है कि मिलने का समय ही नहीं दिया जा रहा। बतौर रणबीर सिंह, ऐसे में अब वे कहां और किसके पास गुहार लगाएं।
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रणबीर सिंह के मुताबिक, जंतर-मंतर व तमाम दिल्ली एनसीआर की सुरक्षा के लिए पैरामिलिट्री जवानों को तैनात किया जाता है। जब इन बलों की जायज मांगों के लिए अलायंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन, गांधीवादी तरीके से सत्याग्रह करें तो गृह मंत्रालय उसकी परमिशन नहीं देता। एसोसिएशन ने जंतर-मंतर पर 12 से 18 नवम्बर तक सात दिन के लिए भूख हड़ताल का नोटिस दिया था। अब एक सप्ताह पहले व्हाट्सएप के जरिए दिल्ली पुलिस यह सूचना दे रही है कि जंतर-मंतर को धरना प्रदर्शन के लिए बैन कर दिया गया है। यहां कोई प्रदर्शन नहीं हो सकता।
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अलायंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन, अब अब 12 नवम्बर व 18 नवम्बर को प्रैस क्लब आफ इंडिया के निकट केंद्रीय सचिवालय मैट्रो स्टेशन व 13 नवम्बर से 17 नवम्बर तक लगातार इंडियन सोसाइटी ऑफ इंटरनेशनल लॉ (वीके कृष्णा मेनन भवन) भगवान दास रोड नई दिल्ली पर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाएंगे। इस मौके पर अलग-अलग 18 प्रदेशों की एक्स पैरामिलिट्री वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
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देश के लोगों को बताया जाएगा कि केंद्र सरकार द्वारा अर्धसैनिक बलों के हितों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। दिल्ली हाईकोर्ट ने इन बलों में पुरानी पेंशन बहाली का फैसला दिया था, लेकिन केंद्र सरकार उसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चली गई। सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले को अधर में लटका दिया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीएपीएफ के कैडर अफसरों को 'ऑर्गेनाइज्ड ग्रुप ए सर्विस' का दर्जा देने के हक में सुनाए गए फैसले को सरकार ने लागू नहीं किया। इसके विपरित सरकार ने संसद में काला कानून पास कर सीएपीएफ के 13 हजार कैडर अधिकारियों के समयबद्ध पदोन्नति आदेश पर अंकुश लगा दिया। अर्धसैनिक कल्याण बोर्डों के गठन व अर्धसैनिक झंडा दिवस कोष, इस मांग को बार-बार अनदेखा किया गया।
पिछले 11 वर्षों से प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री जी व गृह सचिव को मुलाकात के लिए सैकड़ों ई-मेल व टेलिफोन किए गए, लेकिन दुख की बात है कि मिलने का समय ही नहीं दिया जा रहा। बतौर रणबीर सिंह, ऐसे में अब वे कहां और किसके पास गुहार लगाएं।