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प्रदूषण पर खतरनाक स्थिति को नहीं कर सकते नजर अंदाज: सुप्रीम कोर्ट 

Tue, 14 Nov 2017 09:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 14 Nov 2017 09:20 AM IST
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Cannot ignore Delhi air pollution status Says Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : SOCIAL MEDIA

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में जानलेवा प्रदूषण की रोकथाम के उपायों को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब की राज्य सरकारों को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि इस खतरनाक स्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने प्रदूषण को लेकर किसी भी अदालत में चल रही सुनवाई पर स्थगन आदेश पर भी रोक लगा दी है।

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शीर्ष अदालत प्रदूषण नियंत्रण को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में पराली जलाने पर रोक लगाने और धूल-मिट्टी के गुबार से निजात पाने के लिए संबंधित अथॉरिटी को निर्देश देने की गुहार लगाई गई है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने पराली जलाने पर रोक को प्रभावी तरीके से लागू करने को लेकर केंद्र सरकार के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब एवं हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है।
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वहीं, दिल्ली की सड़कों से धूल हटाने को लेकर वैक्यूम क्लीनर और पानी की बौछार करने की मांग पर पीठ ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका में कहा गया है कि सड़कों पर धूल और पड़ोसी राज्यों हरियाणा एवं पंजाब में पराली जलाने के कारण दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। याचिका में कहा गया कि सरकारों को फसलों के अवशेष जलाने के बजाए कोई दूसरा विकल्प तलाशाने का निर्देश दिया जाना चाहिए।

याचिका में सम-विषम योजना पर कारगर अमल के अलावा सौर उर्जा और इलेक्ट्रॉनिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए संबंधित अथॉरिटी को निर्देश देने का आग्रह किया गया है। याचिका में तत्काल प्रभाव से इन कदमों पर अमल का अनुरोध किया गया है क्योंकि इससे प्रदूषण में कमी आएगी। 

वकील आरके कपूर ने सोमवार की सुबह चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई की गुहार लगाई थी। उनकी याचिका को स्वीकार करते हुए शीर्ष अदालत ने तत्काल सुनवाई का फैसला किया।

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प्रदूषण पर पॉलिटिक्स

Cannot ignore Delhi air pollution status Says Supreme Court
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
मैं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पूछना चाहता हूं कि उन्होंने दिल्ली में पराली की समस्या को दूर करने के लिए क्या किया है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार हरियाणा ने इस में मंजूर 45 करोड़ रुपये में से 39 करोड़ रुपये आवंटि कर दिए हैं जबकि पंजाब ने अपने हिस्से के लगभग 98 करोड़ रुपये में से एक पाई भी खर्च नहीं की है।

-हरियाणा के सीएम मनोहरलाल खट्टर, दिल्ली के सीएम केजरीवाल के आरोप के जवाब में

दिल्ली में खेतों का आकार काफी छोटा है और यहां धान की फसल के बाद खेतों में बहुत ज्यादा पराली नहीं बचती है। यह सिर्फ दिल्ली का मसला नहीं है बल्कि पूरा उत्तर भारत इससे प्रभावित है। लोग मर रहे हैं और भाजपा के मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं। 

-गोपाल राय, दिल्ली के परिवहन मंत्री हरियाणा की सीएम खट्टर के आरोप के जवाब में

सीने में जलन, आंखों में तूफान सा क्यूं है

- शायराना अंदाज में राहुल ने प्रदूषण पर की टिप्पणी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली की जहरीली हवा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथ लेते हुए हिंदी फिल्म के एक गाने को याद किया है। इस जानलेवा प्रदूषण की ओर ध्यान खींचने के लिए  उन्होंने 1978 की फिल्म ‘गमन’ का यह गाना ट्वीट किया है, ‘सीने में जलन, आंखों में तूफान सा क्यूं है।

इस शहर में हर शख्स परेशान सा क्यूं है।’ इसके जवाब में वह लिखते हैं, ‘क्या बताएं साहेब, सब जानकर अनजान क्यूं हैं।’ इस ट्वीट के साथ उन्होंने मास्क पहने एक बच्चे की तस्वीर भी पोस्ट की है।
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