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विरोध: कावेरी के पानी को लेकर 26 सितंबर को बेंगलूरू बंद का आह्वान; जानें क्या खुलेगा और क्या रह सकता है बंद
Sat, 23 Sep 2023 06:30 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sat, 23 Sep 2023 06:30 PM IST
सार
बेंगलुरू में बंद का असर बड़े पैमाने पर देखने को मिल सकता है। बंद के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करते हुए कई व्यवसायों, विशेषकर छोटे और स्थानीय प्रतिष्ठानों के बंद रहने की उम्मीद है। इसके अलावा, सार्वजनिक परिवहन में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है।
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कावेरी जल को लेकर कर्नाटक में विरोध-प्रदर्शन।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी से जल छोड़ने को लेकर कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में शनिवार को भी विरोध प्रदर्शन जारी हैं। वहीं, कर्नाटक के कई संगठनों ने 26 सितंबर को बेंगलुरु बंद का आह्वान किया है। किसान नेता कुरुबुरु शांताकुमार ने बंद के फैसले का ऐलान करते हुए विभिन्न संगठनों से सहयोग मांगा है। साथ ही उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों, फिल्म चैंबर और आईटी कंपनियों से भी छुट्टी घोषित करने की अपील की। इतना ही नहीं, तमिलनाडु को पानी न दिए जाने की मांग करते हुए उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर चर्चा के लिए विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की भी मांग की।
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इस बीच मांड्या में कई किसानों को सड़कों पर लेटकर ही विरोध प्रदर्शन करते देखा गया। यह लोग अपने खेत की फसल पकड़कर धरने पर बैठे दिखे। विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनजर पुलिस ने पूरे कर्नाटक में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
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क्या-क्या बंद रहेगा?
बेंगलुरू में बंद का असर बड़े पैमाने पर देखने को मिल सकता है। बंद के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करते हुए कई व्यवसायों, विशेषकर छोटे और स्थानीय प्रतिष्ठानों के बंद रहने की उम्मीद है। इसके अलावा, सार्वजनिक परिवहन में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है। बस सेवाओं और सार्वजनिक परिवहन के अन्य रूपों के प्रभावित होने की आशंका है, जिससे संभावित रूप से यात्रियों को असुविधा हो सकती है। स्कूल और कॉलेज भी बंद रहने की आशंका है, जिससे छात्रों की नियमित दिनचर्या प्रभावित होगी।
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वहीं, हालाँकि बैंकों और कॉर्पोरेट कार्यालयों में बंद की सीमा अलग-अलग हो सकती है, कुछ बंद से प्रभावित हो सकते हैं, जिससे संभावित रूप से काम में व्यवधान हो सकता है। रेस्तरां और भोजनालय भी बंद से प्रभावित हो सकते हैं।
क्या खुला रह सकता है
इस दौरान, आवश्यक सेवाएं, विशेष रूप से अस्पताल और स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं, खुली रहने की उम्मीद है। वहीं, किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएँ चालू रहेंगी। हालांकि कुछ सरकारी कार्यालय प्रभावित हो सकते हैं, पुलिस विभाग जैसी आवश्यक सेवाएं चालू रहेंगी।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) और कावेरी जल नियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) के आदेशों में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। इसके बाद से ही कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए।
सीडब्ल्यूआरसी ने 12 सितंबर को दिए अपने आदेश में कर्नाटक को अगले 15 दिन तक तमिलनाडु को हर दिन 5,000 क्यूसेक पानी देने का निर्देश दिया था। सीडब्ल्यूआरसी ने इस आदेश को बरकरार रखा था। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इन आदेशों में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया था।
राज्य में लगातार जारी हैं विरोध प्रदर्शन
कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। किसान संगठनों और कन्नड़ समर्थक संगठनों ने कावेरी नदी घाटी जिलों मैसुरु, मांड्या, चामराजनगर, रामानगर, बेंगलुरु और राज्य के अन्य हिस्सों में विरोध प्रदर्शन कर अपना रोष व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से पड़ोसी राज्य को पानी नहीं छोड़ने का आग्रह किया।
कर्नाटक का कहना है कि वह कावेरी नदी घाटी क्षेत्रों में खड़ी फसलों के लिए सिंचाई के पानी और पेयजल की अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पानी छोड़ने की स्थिति में नहीं है, क्योंकि मानसून में कम बारिश के कारण पानी की कमी हो गई है। शुक्रवार को इसके चलते चित्रदुर्ग, बल्लारी, दावणगेरे, कोप्पल और विजयपुरा जैसे जिलों में भी विरोध प्रदर्शन हुआ।