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West Bengal: संदेशखाली की घटना पर कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, लिया संज्ञान; कहा- इस तरह की रिपोर्ट देखकर हम दुखी

Tue, 13 Feb 2024 04:52 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: आदर्श शर्मा Updated Tue, 13 Feb 2024 04:52 PM IST
सार

संदेशखाली की घटना पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने सख्त रुख दिखाते हुए स्वत: संज्ञान लिया है। मामले की गंभीरता देखते हुए कोर्ट ने कहा कि इस तरह की रिपोर्ट देखकर मुझे दुख होता है। 

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Calcutta High Court  takes suo motu cognisance of allegations of physical harassment on women in Sandeshkhali
संदेशखली में प्रदर्शन करतीं महिलाएं। - फोटो : एक्स/सोनू ओझा

विस्तार

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में 'बंदूक की नोंक' पर महिलाओं से यौन उत्पीड़न और आदिवासी भूमि के हस्तांतरण के आरोपों पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को स्वत: संज्ञान लिया है। कोर्ट ने कहा कि आदिवासियों की जमीन छीनने और महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न करने की मीडिया रिपोर्टों से हम बेहद दुखी और परेशान हैं।
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इस तरह की घटना से बेहद दुखी हैं- कोर्ट
मामले की गंभीरता को समझते हुए न्यायाधीश ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को इस संबंध में राज्य और वरिष्ठ पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई 20 फरवरी को होगी। न्यायाधीश ने मामले में उच्च न्यायालय की सहायता के लिए अधिवक्ता जयंत नारायण चटर्जी को न्याय मित्र नियुक्त किया। बता दें राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे सरकारी वकील देबाशीष रॉय अदालत के समक्ष उपस्थित थे। संदेशखाली में पिछले कुछ दिनों से इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है।
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हाईकोर्ट ने संदेशखाली में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा को रद्द किया
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को संदेशखाली में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा की घोषणा को रद्द कर दिया, जहां पिछले एक सप्ताह से विरोध प्रदर्शन हो रहा है। संदेशखाली के दो निवासियों ने एक याचिका दायर कर क्षेत्र में निषेधाज्ञा हटाने के लिए अदालत से निर्देश देने की मांग की थी।  नौ फरवरी को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई और इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं थी। 
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यह घटना हमारे लिए शर्मनाक- सुवेंदु अधिकारी
इस बीच, संदेशखाली की घटना पर नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि संदेशखाली में जो कुछ भी हुआ वह पश्चिम बंगाल के लिए बेहद शर्मनाक है। यह एक निंदनीय घटना है। राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को इम मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। 
 

गौरतलब है कि पहले ही राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने पश्चिम बंगाल के अशांत संदेशखाली क्षेत्र का स्वतः संज्ञान लिया थै। उन्होंने प्रशासन को तीन दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट देने को कहा है। आयोग ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत मामले की जांच करने का निर्णय लिया है। आयोग ने कहा, 'आपसे अनुरोध है कि इस नोटिस की प्राप्ति के तीन दिनों  के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट जमा करें। रिपोर्ट में घटना, पीड़ितों और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई से जुड़ी सभी जानकारियां होनी चाहिए।'

संदेशखाली में स्थानीय महिलाओं का प्रदर्शन 
संदेशखाली में स्थानीय महिलाएं लगातार प्रदर्शन कर रहीं है। उन्होंने टीएमसी नेता शेख शाहजहां और उनके सहयोगियों पर जबरन उनके जमीनों पर कब्जा करने और उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। महिलाओं ने शेख शाहजहां की गिरफ्तारी की भी मांग की है। बता दें कि पिछले महीने टीएमसी नेता शेख शाहजहां के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान शाहजहां के समर्थकों ने ईडी के अधिकारियों पर हमला कर दिया था, जिसमें तीन अधिकारी घायल हो गए थे। इस हादसे के बाद से ही शाहजहां फरार है।

संदेशखाली की घटना टीएमसी की सोच और संस्कृति तालिबानी: भाजपा
संदेशखाली हिंसा पर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस की कड़ी आलोचना की है। पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर कहा, टीएमसी तृणमूल कांग्रेस नहीं बल्कि ‘तालिबानी माइंडसेट एंड कंल्चर’ की हो गई है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के सबूत हैं, फिर भी पश्चिम बंगाल की पुलिस टीएमसी के कार्यकर्ता की तरह कार्य कर रही है और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हमले कर रही है। उन्होंन कहा, संदेशखाली में टीएमसी के गुंडों और नेताओं ने सुनियोजित तरीके से यौन उत्पीड़न किया।

टीएमसी ने कहा, न्याय होगा
पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्था भौमिक की अगुवाई में तृणमूल कांग्रेस के एक दल ने मंगलवार को हिंसाग्रस्त संदेशखाली का दौरा किया। उसके बाद भौमिक ने कहा जिन्होंने भी यह अपराध किया है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और पार्टी कार्रवाई करने से पहले इस पर दोबारा विचार नहीं करेगी। पिछले छह दिन से लगातार प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने टीएमसी नेता शाहजहां शेख की गिरफ्तारी की मांग की है।

ममता पर हमलावर अधीर बोले, आप सीएम, संदेशखाली जाइए
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीररंजन चौधरी ने संदेशखाली मामले को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोला है। अधीर ने कहा, आप मुख्यमंत्री हैं... आप खुद संदेशखाली जाइए। इतना सब कुछ होने के बाद भी आप वहां क्यों नहीं जा रही हैं? एक महिला मुख्यमंत्री होने के नाते वह पीड़ित महिलाओं की बात क्यों नहीं सुन रही हैं? चौधरी ने कहा, संदेशखाली स्थानीय तृणमूल नेताओं के अत्याचार का निकृष्टतम उदाहरण है।

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