{"_id":"62177fd560a96501cb733d99","slug":"calcutta-high-court-orders-second-postmortem-under-monitoring-of-district-judge-in-murder-case-of-anis-khan","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनीश खान मौत मामला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने का दिया आदेश, फिलहाल नहीं होगी सीबीआई जांच","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अनीश खान मौत मामला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने का दिया आदेश, फिलहाल नहीं होगी सीबीआई जांच
Thu, 24 Feb 2022 06:24 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Thu, 24 Feb 2022 06:24 PM IST
सार
अनीस खान की हत्या मामले में गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने जिला जज की निगरानी में दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया है। इस मामले में हाईकोर्ट ने फिलहाल सीबीआई जांच की अनुमति नहीं दी है।
विज्ञापन
कलकत्ता हाईकोर्ट
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिम बंगाल के आलिया विश्वविद्यालय के बहुचर्चित छात्र नेता अनीस खान की हत्या मामले में गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि जिला जज की निगरानी में दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए। साथ ही कोर्ट ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की प्रति खान के परिवार के सदस्यों और याचिकाकर्ता को देने का भी आदेश दिया है। इस मामले में हाईकोर्ट ने फिलहाल सीबीआई जांच की अनुमति नहीं दी है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि बुधवार को इस मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस एसआईटी ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक होम गार्ड और एक सिविक वालंटियर शामिल है । 27 वर्षीय छात्र नेता की हत्या के बाद से पश्चिम बंगाल में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई थी। मंगलवार को न्याय की मांग कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच झड़प की घटनाएं भी सामने आई थी।
विज्ञापन
घर में घुसकर की गई हत्या
मामले में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया जा चुका है। हत्या मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध होने के कारण परिजन लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। छात्र के पिता का आरोप है कि 18-19 फरवरी की रात को चार लोग अनीस को तलाशते हुए आए थे। उनमें से एक पुलिस की वर्दी में था और उसके पास पिस्टल भी थी। वे अंदर घुसे और अनीस को पीटते हुए सीधे छत पर ले गए थे। इसके बाद अनीस को नीचे फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
पुलिस ने आरोपों को खारिज किया
हालांकि, पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम से अनभिज्ञता जाहिर की है। स्थानीय आमता पुलिस के अधिकारियों ने अनीस के पिता के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। घटना के वक्त सूचना देने के बावजूद पुलिस पर अगले दिन पहुंचने का भी आरोप है। इससे नाराज परिवारजन और वामपंभी छात्र संगठन भी लगातार जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, छात्र नेता अनीस विश्वविद्यालय के खिलाफ लंबे समय से आंदोलन चला रहे थे। वे छात्रों को मिलने वाली ग्रांट देने के लिए विश्वविद्यालय पर दबाव बना रहे थे। यह राशि करीब 130 करोड़ रुपये की है।