फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Calcutta HC stays Bengal govt's hawker eviction drive near Howrah station

बंगाल: कलकत्ता हाईकोर्ट ने हावड़ा स्टेशन के पास फेरीवालों को हटाने पर लगाई अंतरिम रोक, 10 जून को अगली सुनवाई

Fri, 22 May 2026 08:51 PM IST
निर्मल कांत आईएएनएस, कोलकाता।
आईएएनएस, कोलकाता। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 22 May 2026 08:51 PM IST
सार

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हावड़ा स्टेशन के पास फेरीवालों को हटाने की कार्रवाई पर जून के अंतिम सप्ताह तक अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि फेरीवालों को भी अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए। पढ़िए रिपोर्ट-

विज्ञापन
Calcutta HC stays Bengal govt's hawker eviction drive near Howrah station
कलकत्ता हाईकोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

कलकत्ता हाईकोर्ट की एकल पीठ ने शुक्रवार को कोलकाता के हावड़ा स्टेशन के पास फेरीवालों को हटाने के अभियान पर अंतरिम रोक लगा दी।
विज्ञापन


राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। याचिका में फेरीवालों को हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई थी।

यह मामला शुक्रवार को न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की एकल पीठ के सामने सुनवाई के लिए आया। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने जून के अंतिम सप्ताह तक फेरीवालों को हटाने की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी। मामले की अगली सुनवाई 10 जून को तय की गई है।
विज्ञापन


अंतरिम रोक लगाते समय न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा कि जिन फेरीवालों को हटाया जा रहा है या हटाया जा सकता है, उन्हें भी अदालत में अपना पक्ष रखने का उचित मौका मिलना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिकाकर्ताओं ने क्या कहा?
याचिकाकर्ताओं की ओर से माकपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ वकील विकास रंजन भट्टाचार्य ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने अदालत में कहा कि फेरीवाले हुगली रिवर वाटरवे ट्रांसपोर्ट को किराया देकर अपनी दुकानें चलाते हैं। यह संस्था पश्चिम बंगाल सरकार के अधीन काम करती है।

उन्होंने कहा, फेरीवाले नियमित रूप से किराया देते हैं। मेरे पास उनकी किराया रसीदें भी हैं। मैंने ये रसीदें अदालत में आवेदन के साथ जमा की हैं। याचिकाकर्ताओं के पास वैध व्यापार लाइसेंस, जीएसटी और सेवा कर पंजीकरण भी हैं। हुगली रिवर वाटरवे ट्रांसपोर्ट ने रेलवे अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी थी। रेलवे की ओर से जारी बेदखली नोटिस पर किसी के हस्ताक्षर नहीं हैं। नोटिस सिर्फ दीवारों पर चिपकाए गए थे, किसी को व्यक्तिगत रूप से नहीं दिए गए। मेरी कोर्ट से अपील है कि इन नोटिस को तुरंत रद्द किया जाए।

ये भी पढ़ें: भारत में 47 हजार बच्चे लापता: सुप्रीम कोर्ट का देशभर के थानों को निर्देश- गुमशुदगी पर बिना देरी दर्ज हो एफआईआर


सुनवाई के दौरान जज ने क्या कहा?
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने रेलवे के वकील से पूछा कि क्या किसी विकास परियोजना को लागू करने के लिए इतनी जल्दबाजी में यह कार्रवाई की जा रही है। इस पर रेलवे की ओर से कहा गया कि हावड़ा स्टेशन को उन रेलवे स्टेशनों में शामिल किया गया है, जहां 2024 में शुरू की गई अमृत भारत परियोजना के तहत सफाई अभियान चलाया जाएगा।

सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि फेरीवालों को भी अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने हुगली रिवर वाटरवे ट्रांसपोर्ट के प्रतिनिधि को 10 जून की अगली सुनवाई में कोर्ट में उपस्थित रहने का निर्देश भी दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed