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महाराष्ट्र : निकाय चुनावों में ओबीसी कोटे के अध्यादेश में बदलाव को कैबिनेट की मिली मंजूरी
Thu, 23 Sep 2021 03:47 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, मुंबई
एजेंसी, मुंबई
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 23 Sep 2021 03:47 AM IST
सार
महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि कैबिनेट बैठक के दौरान अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) को आरक्षण देने के अध्यादेश के मसौदे में बदलाव को हरी झंडी दी गई। राज्य सरकार ने अध्यादेश का मसौदा मंजूरी के लिए राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के पास भेजा था।
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उद्धव ठाकरे
- फोटो : Social media
विस्तार
महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) को आरक्षण देने के अध्यादेश के मसौदे में बदलाव के प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट ने बुधवार को मंजूर कर लिया।
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मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि कैबिनेट बैठक के दौरान मसौदे में बदलाव को हरी झंडी दी गई। राज्य सरकार ने अध्यादेश का मसौदा मंजूरी के लिए राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के पास भेजा था। कोश्यारी ने अध्यादेश के कुछ हिस्से पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद उसमें बदलाव करने का प्रस्ताव कैबिनेट बैठक में पेश किया गया।
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सुप्रीम कोर्ट ने इस साल मार्च में राज्य के कुछ स्थानीय निकायों में ओबीसी आरक्षण को इस आधार पर रोक दिया था कि आरक्षण प्रतिशत को उचित ठहराए जाने के लिए ठोस आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा था कि कुल आरक्षण 50 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए। अब तक ओबीसी को नगर निकायों और जिला परिषदों के निर्वाचन में 27 फीसदी आरक्षण मिलता रहा है।
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इसके बावजूद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की तर्ज पर अध्यादेश के जरिये ओबीसी आरक्षण लागू करने का निर्णय लिया था। हालांकि राज्य के विधि व न्याय विभाग ने अध्यादेश के जरिये ओबीसी का निर्वाचन कोटा तय करने के निर्णय को कानूनी तौर पर गैरमुनासिब बताया था और राज्य सरकार को मामले के विचाराधीन होने के कारण पहले सुप्रीम कोर्ट से इजाजत लेने की सलाह दी थी।
इसे लेकर ही राज्यपाल कोश्यारी की तरफ से अध्यादेश पर स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसके चलते बुधवार को राज्य कैबिनेट ने अध्यादेश में सुधार के प्रस्ताव को मंजूरी दी और अध्यादेश का नया मसौदा तैयार करने के लिए कहा।