CAA : दिल्ली से कोलकाता तक ‘सियासी खींचतान’, भाजपा सांसद को मिली धमकी
- नागरिकता कानून पर सियासी मोर्चाबंदी
- राजघाट पर कांग्रेस का ‘सत्याग्रह’
- कोलकाता में भाजपा का मार्च
- दक्षिण में भी विरोध रैली व धरना
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विस्तार
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हफ्ते भर से जारी उग्र विरोध प्रदर्शन सोमवार को शांत रहे। हालांकि दिल्ली से लेकर कोलकाता और सुदूर दक्षिण तक कानून के पक्ष में और इसके खिलाफ सियासी मोर्चाबंदी जारी रही। दिल्ली में राजघाट पर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ ‘सत्याग्रह’ किया, जिसमें पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित तमाम बड़े नेता शामिल हुए। वहीं, कोलकाता में भाजपा ने कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा की अगुवाई में कानून के समर्थन में मार्च निकाला। दूसरी ओर, दक्षिण में भी कई जगह कानून के विरोध में प्रदर्शन हुए।
राजघाट पर आयोजित सत्याग्रह में कांग्रेस नेताओं ने संविधान की प्रस्तावना हिंदी में पढ़ी। इसके बाद सभी कांग्रेस नेताओं ने अपने इस अभियान के समर्थन और नागरिकता कानून तथा सरकार की नीतियों के विरोध में एक मिनट का मौन रखा। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, मप्र के सीएम कमलनाथ, वरिष्ठ नेता एके एंटनी, अहमद पटेल, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खरगे, आनंद शर्मा, दिग्विजय सिंह, मुकुल वासनिक, केसी वेणुगोपाल, मीरा कुमार सहित कुछ धार्मिक नेता भी सत्याग्रह में शामिल हुए।
कैब के समर्थन में वोट डालने पर मिली धमकी: भाजपा सांसद
भारतीय जनता पार्टी के पूर्वी त्रिपुरा क्षेत्र से सांसद रेबती कुमार त्रिपुरा ने सोमवार को दावा किया कि उन्हें संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक के समर्थन में वोट डालने पर प्रतिबंधित नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा की ओर से ‘धमकियां’ मिली हैं। उन्होंने कहा कि पांच दिन पहले एनएलएफटी का पत्र मिला है जिसमें उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है।
उन्होंने बताया कि मुझे धमकी मिली है कि मैंने संसद में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में वोट देकर राज्य के आदिवासियों के मुद्दों के साथ धोखा किया है। मैं एक पार्टी का सांसद हूं जिसने कैब के समर्थन में मतदान के लिए व्हिप जारी किया था। सभी को पता है कि अगर मैं व्हिप का उल्लंघन करता तो उसका परिणाम क्या होता। बता दें कि पहली बार सांसद बने रेबती यहां के प्रमुख जनजाति नेताओं में से एक हैं।
देश की आवाज दबाना चाहते हैं पीएम : राहुल
नई दिल्ली। कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजघाट पर अयोजित पार्टी के ‘सत्याग्रह’ के दौरान कहा, हमारा संविधान हर धर्म के लोगों की आवाज है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसी आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। वह देश को बांट रहे हैं, संविधान को खंड खंड कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस ऐसा होने नहीं देगी। हम संकल्प लेते हैं कि देश की आवाज को दबाने नहीं देंगे, संविधान की सुरक्षा करेंगे।
बापू ने जो कहा, सीएए में वही लागू किया : नड्डा
कोलकाता। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में यहां नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में मार्च निकाला गया। उन्होेंने कहा, पीएम मोदी ने वही किया जो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी चाहते थे। बापू ने 27 सितंबर, 1947 को कहा था कि अगर पाकिस्तान के हिंदू-सिख आना चाहें तो आ सकते हैं। पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू की भी यही इच्छा थी। नड्डा ने विपक्ष से निजी स्वार्थ के लिए देश को गुमराह न करने की अपील की।
मरने वालों के नाम पर संविधान बचाने की कसम
प्रियंका गांधी ने सीएए के विरोध में जान गंवाने वालों के नाम पर संविधान बचाने की कसम ली। उन्होंने कहा, हमें बिजनौर के उस अनास की कसम जो घर में अकेला कमाने वाला था। हमें सुलेमान की कसम जो यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। उन बच्चों की कसम जिनका बचपन कानून पर न्यौछावर हो गया। उस ओमराज सैनी की कसम जिसके बच्चे घर पर इंतजार करते रह गए और वह अस्पताल में भर्ती हो गया। हम इनकी कसम खाते हैं कि संविधान की रक्षा करेंगे और किसी को भी इसे नष्ट करने की इजाजत नहीं देंगे।
गहलोत-कमलनाथ बोले, नहीं लागू करेंगे कानून
गहलोत और कमलनाथ ने कहा कि वे अपने राज्यों में यह कानून लागू नहीं करेंगे। उन्होंने कहा यह संविधान की मूल धारणा के खिलाफ है। छत्तीसगढ़ के मंत्री टीएस सिंह देव ने सीएम भूपेश बघेल की ओर से कहा कि उनके यहां भी इस असांविधानिक कानून को लागू नहीं किया जाएगा।
चेन्नई में डीएमके की अगुवाई में रैली
तमिलनाडु में डीएमके ने सहयोगी दलों के साथ नागरिकता कानून के खिलाफ रैली की। पार्टी ने कहा कि अगर केंद्र कानून वापस नहीं लेेता तो प्रदर्शन और बड़ा होगा। इस दौरान डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम मौजूद रहे। केरल में आईयूएमएल की युवा शाखा यूथ लीग ने डाक घरों तक मार्च निकाला। इस दौरान कोझिकोड में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रैली निकाली। वहीं, कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा ने मंगलुरु में पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत की सीआईडी जांच की घोषणा की है।
सीएए से भारतीय मुसलमानों को नुकसान नहीं : सिंह
केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जीतेंद्र सिंह ने कहा, नागरिकता कानून से भारतीय मुसलमानों को कोई नुकसान नहीं है। उन्होंने सोनिया गांधी पर देश का माहौल बिगाड़ने और लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, सभी को विरोध का अधिकार है लेकिन अफवाह फैलाना गलत है। एनआरसी पर उन्होंने कहा, जब भी यह होगा संविधान के दायरे में तय प्रक्रिया से होगा। उन्होंने सीएए-एनआरसी को न जोड़ने की अपील की।
प्रताड़ित धार्मिक शरणार्थियों के लिए मोदी भगवान : शिवराज
मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम व भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पाकिस्तान सहित तीन पड़ोसी देशों से धर्म के आधार पर प्रताड़ित होकर आए शरणार्थियों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान जैसे हैं। पीएम ने नागरिकता कानून लाकर इनकी जिंदगी को भगवान की तरह सुरक्षित बना दिया है।
शिवराज ने कहा, अत्याचार से आजिज जो शरणार्थी कहते थे कि मर जाएंगे लेकिन पाकिस्तान नहीं जाएंगे, उनके जीवन को मोदी ने नई उम्मीद दी है। कांग्रेस इसको लेकर झूठा जहर घोल रही है। सोनिया पर निशाना साधते हुए चौहान ने कहा, कांग्रेस अध्यक्ष को टीवी इंटरव्यू से पहले सदन में बहस के दौरान पक्ष रखना था लेकिन वहां वह चुप रहीं। उन्हाेंने पूछा कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष या राहुल गांधी ने पहले कभी शरणार्थियों का दुख सुना है।
जबलपुर से कर्फ्यू हटा, धारा 144 लागू
मध्यप्रदेश के जबलपुर में नागरिकता कानून को लेकर हुई हिंसा के बाद लगा कर्फ्यू सोमवार को कुछ हिस्सों से हटा लिया गया लेकिन धारा 144 अभी भी लागू है। गोहालपुर, हनुमानताल, कोतवाली और आधारताल थाना क्षेत्र में पुलिस पर पत्थराव के बाद कर्फ्यू लगाया गया था। जबलपुर डीएम ने नोटिस जारी किया कि हालात सामान्य होने के बाद इन इलाकों से कर्फ्यू हटा दिया गया है।
विचार-विमर्श के बाद ही राष्ट्रव्यापी एनआरसी
शिवराज ने कहा, राष्ट्रव्यापी एनआरसी विस्तृत विचार-विमर्श के बाद ही लाया जाएगा। उन्होंने कहा, एनआरसी पर चर्चा चल रही है और सरकार ने सुझाव मांगे हैं लेकिन कांग्रेस एनआरसी को नागरिकता कानून से जोड़कर भ्रम फैला रही है। राजस्थान में नागरिकता कानून लागू न करने के दावे पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए चौहान ने कहा, यह केंद्रीय सूची का विषय है इसलिए किसी की मनमानी नहीं चलेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर राज्य आनाकानी करेंगे तो इसे लागू कराने के अन्य तरीके भी हैं।
शादी कार्ड और फोटो से भी संदेश
केरल में इस कानून के विरोध का अनोखा तरीका निकाला गया है। लोग शादी के कार्र्ड, शादी के स्टेज पर फोटोग्राफी और क्रिसमस की सजावट के जरिये भी ‘नो सीएए नो, एनआरसी’ का संदेश दे रहे हैं। युवाओं ने ऐसी तस्वीरें पोस्ट की हैं जिसमें वर-वधु सीएए के विरोध का पोस्टर पकड़े हैं। सोशल मीडिया पर यह ऐसी कई फोटो वायरल हो रही हैं। वहीं सैंटा भी ‘नो सीएए’ लिखी तख्तियां लेकर चल रहा है।
ममता ने एक बार भी नहीं की हिंसा की निंदा
भाजपा नेता जेपी नड्डा ने कहा, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार भी राज्य में हो रही हिंसा की निंदा नहीं की, बल्कि लोगों से विरोध की अपील कर रही हैं। यह कैसी सीएम हैं जो प्रदेश के लोगों से बवाल करने की अपील करती हैं। मार्च में मौजूद भीड़ की ओर इशारा करते हुए नड्डा ने कहा, यहां मौजूद लोग गवाह हैं कि सीएए को जनता का समर्थन है।
ममता भले ही लोगों के हित के खिलाफ काम करें लेकिन राज्य की जनता नए कानून के पक्ष में है। उन्होंने कहा, वोट बैंक की राजनीति के चलते ही ममता ने राज्य में आयुष्मान भारत और किसान बीमा योजना को लागू नहीं किया। विपक्ष पर हमला बोलते हुए नड्डा ने कहा, पूर्व पीएम डॉ मनमोहन सिंह ने 2003 में तत्कालीन गृह मंत्री आडवाणी से बांग्लादेश और पाकिस्तान के अल्पसंख्यक शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने की अपील की थी।