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CAA: बंगाल भाजपा विधायक बोले- दिसंबर तक लागू हो जाएगा सीएएए, मंत्री ने कहा- ममता लागू नहीं होने देंगी
Fri, 05 Aug 2022 04:57 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 05 Aug 2022 04:57 PM IST
सार
भाजपा विधायक ने कहा कि लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सीएए को पश्चिम बंगाल में लागू करने की जरूरत है, खासकर सीमावर्ती जिलों में हिंदू शरणार्थियों के लिए।
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सीएए का विरोध (file photo)
- फोटो : ANI
विस्तार
पश्चिम बंगाल के भाजपा विधायक असीम सरकार ने शुक्रवार को दावा किया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) दिसंबर तक लागू होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल में भाजपा के शरणार्थी प्रकोष्ठ के संयोजक सरकार ने कहा कि लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए राज्य में सीएए को लागू करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य शरणार्थी प्रकोष्ठ का प्रमुख होने के नाते मुझे लगता है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) आखिरकार इस दिसंबर तक लागू हो जाएगा। उस समय तक अभियान को गति देना शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सीएए को पश्चिम बंगाल में लागू करने की जरूरत है, खासकर सीमावर्ती जिलों में हिंदू शरणार्थियों के लिए।
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मंत्री ने कहा- सीएम ममता नहीं लागू होने देंगी सीएए
नदिया जिले के हरिंघाटा के विधायक सरकार ने पहले कहा था कि अगर 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले सीएए को लागू नहीं किया गया तो बांग्लादेश से हिंदू शरणार्थियों के बीच असंतोष को कभी दूर नहीं किया जा सकेगा। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में सीएए को कभी लागू नहीं होने देंगी। राज्य के वन मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने कहा कि असीम सरकार जैसे लोग इस तरह के झूठे दावे करके पिछड़े मतुआ समुदाय समेत प्रवासियों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। जिन लोगों ने पिछले चुनावों में मतदान किया, वे देश के सच्चे नागरिक हैं।
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मल्लिक ने कहा, केवल पश्चिम बंगाल में ही नहीं, देश में कहीं भी सीएए लागू नहीं किया जा सकता है। सीएए से संबंधित 300 मामले अदालत में लंबित हैं। असीम सरकार और उनके जैसे नेताओं को वोट बैंक पर नजर रखते हुए इस तरह के झूठे दावों से बचना चाहिए। इस सप्ताह की शुरुआत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी को आश्वासन दिया था कि सीएए के संबंध में नियम कोविड एहतियात खुराक टीकाकरण अभ्यास समाप्त होने के बाद तैयार किए जाएंगे। सीएए के लिए नियम बनाने से इसके कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त होगा।
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दिसंबर 2019 में संसद द्वारा पारित नियमों की अनुपस्थिति के कारण अधिनियम को अभी तक लागू नहीं किया गया है। सरकार ने अब तक उन्हें तैयार नहीं करने के लिए महामारी के प्रकोप का हवाला दिया है। सीएए अधिनियम बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले भारत में प्रवेश करने वाले हिंदुओं, जैनियों, ईसाइयों, सिखों, बौद्धों और पारसियों को पांच साल के निवास के बाद भारतीय नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान करता है।