MLA cash Seizure: कारोबारी धानुका पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, कांग्रेस विधायकों से नकदी जब्ती का मामला
मामले से जुड़े कारोबारी अशोक धानुका की याचिका पर शीर्ष कोर्ट में वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी और नलिन कोहली ने पक्ष रखा। इस पर शीर्ष कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस देकर जवाब मांगा है।
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झारखंड के तीन विधायकों को पश्चिम बंगाल के हावड़ा में भारी मात्रा में नकदी के साथ गिरफ्तार किए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। कारोबारी अशोक धानुका ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
मामले से जुड़े कारोबारी अशोक धानुका की याचिका पर शीर्ष कोर्ट में वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी और नलिन कोहली ने पक्ष रखा। इस पर शीर्ष कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस देकर जवाब मांगा है।
SC issues notice on businessman Ashok Dhanuka's plea in a matter relating to the nabbing of Jharkhand Congress MLAs with a huge amount of money in West Bengal’s Howrah. Senior Advocate Mukul and Advocate Nalin Kohli appeared for petitioner Ashok Dhanuka. pic.twitter.com/tXrr5dzHoX
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— ANI (@ANI) August 24, 2022
इन विधायकों के पास से भारी मात्रा में नकदी जब्त होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि ये विधायक झारखंड सरकार गिराने की भाजपा की साजिश में शामिल थ। कांग्रेस ने इन विधायकों को पार्टी से निकाल दिया है।
मामले से जुड़े कांग्रेस के तीन निलंबित विधायकों - इरफान अंसारी, नमन बिक्सल कोंगारी और राजेश कच्छप को कलकत्ता हाईकोर्ट ने 18 अगस्त को जमानत दे दी थी। उनके समेत सभी पांचों आरोपियों को अंतरिम जमानत मिली है। इन्हें 30 जुलाई को पश्चिम बंगाल पुलिस ने नकद जब्ती मामले में गिरफ्तार किया था। कोर्ट की डबल बेंच ने जमानत देते हुए उन्हें अगले तीन महीने तक कोलकाता नहीं छोड़ने का भी निर्देश दिया और यह सुनिश्चित करने को कहा कि वे हर हफ्ते मामले के जांच अधिकारी के सामने पेश होंगे। अदालत ने उन्हें एक-एक लाख रुपये का जमानती मुचलका भरने का भी निर्देश दिया है। इस बीच, अदालत ने सुनवाई के लिए मामले को एमपी-एमएलए अदालत में स्थानांतरित करने का आदेश दिया।
कार से मिले थे 49 लाख रुपये
झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार को गिराने की साजिश रचने में कथित रूप से शामिल होने के आरोप में पश्चिम बंगाल पुलिस ने 30 जुलाई को तीन विधायकों सहित कुल पांच लोगों को 49 लाख रुपये नकद के साथ एक कार से गिरफ्तार किया था। पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा कांग्रेस के तीन विधायकों को कार में नकदी के साथ पकड़े जाने के एक दिन बाद, बोरमो विधायक कुमार जयमंगल ने उनके खिलाफ झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार को गिराने का प्रयास करने के लिए प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। जयमंगल ने अपनी प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया कि झामुमो, कांग्रेस और राजद की वर्तमान गठबंधन सरकार को गिराने के लिए उन्हें एक निश्चित मंत्री पद के साथ संतुष्टि की पेशकश की गई थी।