{"_id":"5a6e48354f1c1b80268b7077","slug":"budget-session-begins-today-economic-survey-will-be-presented-after-president-s-address","type":"story","status":"publish","title_hn":"बजट सत्र: 11 बजे शुरू होगा राष्ट्रपति का अभिभाषण, तीन तलाक बिल पास कराने पर रहेगा सरकार का जोर","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
बजट सत्र: 11 बजे शुरू होगा राष्ट्रपति का अभिभाषण, तीन तलाक बिल पास कराने पर रहेगा सरकार का जोर
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Mon, 29 Jan 2018 10:16 AM IST
विज्ञापन
पीएम मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संसद के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार से होगी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे। इसके बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली लोकसभा और राज्यसभा में आर्थिक सर्वे पेश करेंगे। आम बजट एक फरवरी को पेश किया जाएगा। बजट सत्र का पहला चरण 9 फरवरी को खत्म होगा जबकि दूसरा चरण 5 मार्च से 6 अप्रैल तक चलेगा।
विज्ञापन
राष्ट्रपति के अभिभाषण से शुरू होगा सत्र
एक फरवरी को एनडीए सरकार का आखिरी पूर्ण बजट
2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बजट के किसानों और गरीबों से संबंधित राजनीतिक रंग दिखने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में मीडिया को दिए गए साक्षात्कार में बजट में कड़े आर्थिक फैसलों के संकेत दिए। सत्र के सुचारु संचालन के लिए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने रविवार को सर्वदलीय बैठक की। सरकार ने भी सभी दलों के साथ बैठक कर शांतिपूर्ण संचालन की गुजारिश की।
विज्ञापन
तीन तलाक बिल को पारित कराने पर जोर देगी सरकार
बजट सत्र में सरकार एक बार में तीन तलाक देने संबंधी बिल को राज्यसभा से पारित कराने की पूरी कोशिश करेगी। हालांकि विपक्ष ने अपने पुराने विरोधी रुख पर कायम रहने के संकेत दिए हैं। वह बिल में कई संशोधनों पर अड़ा हुआ है। यह बिल लोकसभा से पारित पास हो चुका है। शीतकालीन सत्र में सरकार के अल्पमत में होने के चलते बिल राज्यसभा में अटक गया था। इसके अलावा सरकार ओबीसी समेत कई अन्य बिलों को भी पेश कर सकती है।
विज्ञापन
बेरोजगारी, सांप्रदायिक माहौल पर घेरेगा विपक्ष
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के दौरान विपक्ष बेरोजगारी, किसानों की बदहाली और सांप्रदायिक माहौल पर सरकार को घेरेगा। सरकार की नीति की दिशा को दर्शाने वाले राष्ट्रपति के अभिभाषण में ठोस आर्थिक सुधार, रोजगार सृजन और गरीबों को मिलने वाली सामाजिक और आर्थिक ताकत का जिक्र रहने की संभावना है।