रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए नए इकनॉमिक कॉरिडोर, तीन साल में 5 लाख करोड़ जुटाने के लिए डीएफआई
कोरोना संक्रमण के कारण धीमी हुई अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2021-22 के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के बाद सबसे अधिक फोकस बुनियादी ढांचा और राजमार्गों के विकास पर रखा है। रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए नए इकनॉमिक कॉरिडोर बनाए जाने की घोषणा की है। इससे दोहरा फायदा होगा।
सड़कों के विकास के साथ इन नए इकनॉमिक कॉरिडोर में लगने वाली औद्योगिक इकाइयों से रोजगार सृजन भी हो सकेगा। सरकार 20 हजार करोड़ रुपये की लागत से डेवलपमेंट फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट (डीएफआई) की स्थापना भी करेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि इस इंस्टीट्यूट के जरिये तीन साल में पांच लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है।
गौरतलब है कि नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन के तहत फंडिंग के लिए अब 7400 प्रोजेक्ट चिह्नित हैं। सरकार की महत्वाकांक्षी नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन के लिए 2020-25 के बीच 111 लाख करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। बजट में सड़क परिवहन मंत्रालय के लिए अतिरिक्त 1 लाख 18 हजार 101 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि भारतमाला प्रोजेक्ट के लिए अब तक 3.3 लाख करोड़ दिए जा चुके हैं। अब रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए नए इकनॉमिक कॉरिडोर बनाए जाएंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचए) अंतरराष्ट्रीय निवेश प्राप्त कर सकेगा।
इस साल इन हाई-वे का काम होगा शुरू
- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे : 260 किलोमीटर का शेष कार्य इस साल मार्च तक होगा पूरा।
- दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा : 210 किमी गलियारे का निर्माण इसी साल आरंभ होगा।
- दिल्ली-कटरा व अमृतसर-जामनगर : दोनों हाई-वे का निर्माण कार्य 2021-22 में आरंभ होगा।
- कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे : एनएच-27 के लिए वैकल्पिक 63 किमी एक्सप्रेस-वे का काम इसी साल से।
- बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेस-वे : 278 किमी का कार्य मौजूदा वित्त वर्ष में शुरू हो जाएगा।
- चेन्नई-सेलम गलियारा : 277 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य भी इसी साल से।
- रायपुर-विशाखापत्तनम : छत्तीसगढ़, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश से होकर गुजरने वाले 464 किमी सड़क इस साल शुरू होगी।
'आत्मनिर्भर भारत की नई तस्वीर पेश करता है आम बजट'
आम बजट पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और समृति ईरानी ने अपनी प्रतिक्रिया में आम बजट को जन आकांक्षाओं का बजट करार दिया है। केंद्रीय जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यह तरक्की और विकास का बजट है। उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किया गया आम बजट आम आदमी की जनभावनाओं के अनुरूप है।
उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रही थी तो दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं बुरी तरह से प्रभावित हो रही थी। ऐसे में भारत ने इस आपदा को अवसर में बदला। देश में गरीबी को कम करने और समृद्धि की ओर अपने बढ़ते कदमों को और मजबूती के साथ आगे बढ़ाया है और देश इसी ओर दिनों दिन आगे बढ़ रहा है।
पूंजीगत व्यय में भारी बजटीय वृद्धि पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा बुनियादी ढांचे में पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश एक बड़ी पहल है, यह रोजगार को एक बड़ी उपलब्धि देगा ऐसा उनका विश्वास है।
वहीं, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई। आत्मनिर्भर भारत का बजट प्रस्तुत करने पर संतुलित, प्रगतिशील बजट के लिए भूरि-भूरि प्रशंसा। यह सभी क्षेत्रों में हमारे घरेलू हित धारकों को अधिक अवसर प्रदान करेगा।