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2015-16 के बाद एक बार फिर EBITDA पॉजिटिव हुईं बीएसएनएल और एमटीएनएल
Mon, 11 Jan 2021 07:23 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Mon, 11 Jan 2021 07:23 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) साल 2015-16 के बाद वित्त वर्ष 2020-21 की पहली छमाही में एक बार फिर EBITDA पॉजिटिव श्रेणी में आ गईं। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि दोनों कंपनियों की स्थिति में यह परिवर्तन रिवाइवल योजना (पुनरुद्धार की योजना) को केंद्रीय कैबिनेट की ओर से अनुमति मिलने के एक साल के अंदर आया है। घाटे के संकट से जूझ रही इन कंपनियों के लिए यह राहत की खबर है।
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इस संबंध में दूरसंचार विभाग की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2019-20 की तुलना में दोनों संस्थानों के घाटे में अब 50 फीसदी तक की कमी आने का अनुमान है। बता दें कि EBITDA मूल रूप से ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन के साथ शुद्ध आय या कमाई है। EBITDA का उपयोग कंपनियों और उद्योगों के बीच लाभप्रदता का विश्लेषण और तुलना करने के लिए किया जा सकता है, क्योंकि यह वित्तपोषण और पूंजीगत व्यय के प्रभावों को समाप्त करता है।
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सीधे शब्दों में कहें तो एबिटडा से किसी कंपनी के परिचालन प्रदर्शन का पता चलता है। विभाग ने बताया कि इसके अलावा बीएसएनएल और एमटीएनएल के विलय को सैद्धांतिक मंजूरी भी दी गई है। समीक्षा के मुताबिक कोविड-19 महामारी के प्रबंधन में भी दूरसंचार विभाग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विभाग ने क्वारंटीन अलर्ट प्रणाली का विकास किया। इसके अलावा कोविड-19 महामारी के संबंध में जागरूकता के लिए 10 क्षेत्रीय भाषाओं में नागरिकों को 300 करोड़ से अधिक एसएमएस भेजे गए।
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विभाग ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की दोनों कंपनियों के कुल 92,956 कर्मचारियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) का विकल्प चुना और वे 31 जनवरी 2020 को सेवानिवृत्त हो गए। समीक्षा में कहा गया, ‘बीएसएनएल और एमटीएनएल के वेतन व्यय में क्रमश: लगभग 50 फीसदी (लगभग 600 करोड़ रुपये प्रति माह) और 75 फीसदी (लगभग 140 करोड़ रुपये प्रति माह) की कमी हुई है। दोनों का एबिटडा (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और रिण परिशोधन से पूर्व आय) 2020-21 की पहली छमाही में सकारात्मक हो गया।’
दूरसंचार विभाग ने यह भी कहा कि बीएसएनएल की 4जी सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसमें दिल्ली और मुंबई समेत देश के सभी इलाके शामिल हैं। विभाग ने बताया कि इसके लिए वित्त वर्ष 2020-21 में राशि का प्रावधान भी कर दिया गया है। इसके साथ ही बीएसएनएल/एमटीएनएल के लिए 15 हजार करोड़ रुपये की संप्रभु गारंटी बढ़ाई गई है। विभाग ने बताया कि दोनों कंपनियों ने बाजार से मौजूदा उच्च लागत वाले ऋण के पुनर्गठन के लिए धन जुटाया है।