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बीएसएफ जवानों के घरवालों को नहीं होगी दिक्कत, मुख्यालय से जिले के डीएम और एसपी तक पहुंचेगी सिफारिश

Thu, 05 Nov 2020 05:43 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 05 Nov 2020 05:43 PM IST
सार

बीएसएफ के सूत्रों का कहना है कि बहुत से जवान केवल इस वजह से चिंतित हैं कि उनका परिवार किसी वजह से परेशान है। पिछले कुछ वर्षों से बल में स्वैच्छिक सेवानिवृति के मामले बढ़ रहे हैं...

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BSF taken new initiative for jawans, will help to solve their family problems from help of DM and SP of the districts
bsf - फोटो : अमर उजाला (फाइल)

विस्तार

सीमा सुरक्षा बल के जवान बिना किसी दबाव और परेशानी के अपनी ड्यूटी कर सकें, इसके लिए मुख्यालय ने नई योजना बनाई है। अगर किसी जवान के परिवार को जिला या तहसील स्तर पर कोई प्रशासनिक दिक्कत है, परिवार को बेवजह चक्कर काटने पड़ रहे हैं या पुलिस उनकी सुनवाई नहीं कर रही है तो ऐसी स्थिति में मुख्यालय और सम्बंधित यूनिट के अधिकारी, डीएम या एसपी से आग्रह कर मामले का निपटारा कराएंगे।

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बीएसएफ के सूत्रों का कहना है कि बहुत से जवान केवल इस वजह से चिंतित हैं कि उनका परिवार किसी वजह से परेशान है। पिछले कुछ वर्षों से बल में स्वैच्छिक सेवानिवृति के मामले बढ़ रहे हैं। इसके चलते डीजी राकेश अस्थाना ने सभी फ्रंटियर और यूनिटों के अधिकारियों से कहा है कि वे जवानों के नियमित संपर्क में रहें। उनसे बातचीत करें और उनकी दिक्कतों का अविलंब समाधान कराया जाए।
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इसके लिए बीएसएफ अधिकारी, डीएम और एसपी से बात करें। उनसे प्रार्थना की जाए कि फलां जवान हमारी इस यूनिट में तैनात है। उसका परिवार आपके जिले के इस गांव में रहता है। वहां उसे किसी प्रशासनिक कार्यवश चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कमांडर इसे लेकर डीएम व एसपी को लिखित में आग्रह पत्र भेज सकते हैं।
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यदि उन्हें लगता है कि इसके बाद भी काम नहीं हो पा रहा है तो वे संबंधित जिला अधिकारी से फोन पर बातचीत कर सकते हैं। बीएसएफ का मकसद है कि जवान या उसके परिवार की परेशानी दूर होनी चाहिए। बल के अधिकारी, एक तय अंतराल के बाद बॉर्डर पर तैनात जवानों के साथ दो दिन रहें, ये आदेश भी जारी किया गया है।

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