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BSF: देवदूत बने बीएसएफ के जवान, घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया, कराया इलाज
Mon, 28 Nov 2022 07:46 PM IST
स्वप्निल शशांक
एन. अर्जुुन, कोलकाता
एन. अर्जुुन, कोलकाता
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 28 Nov 2022 07:46 PM IST
सार
घायल महिला के परिजनों ने सीमा सुरक्षा बल के सहयोग के लिए हार्दिक आभार प्रकट करते कहा- बीएसएफ के जवान देवदूत बनकर आए। बीएसएफ सदैव जरूरतमंद लोगों की सहायता करती है।
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बीएसएफ के जवान ने घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कई बार हम सोचते हैं कि बीएसएफ के जवान केवल सीमा की रक्षा ही करते हैं, बस केवल तस्करों को ही पकड़ते हैं, तो हमारी सोच गलत है। वे सुरक्षा के साथ-साथ सहयोग की भावना से भी काम करते हैं। नदिया जिले में सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने जिले के सीमावर्ती इलाके में पैर की चोट की दर्द से कराह रही एक महिला की पीड़ा को समझा और तुरंत उसकी सहायता की और उसको अस्पताल पहुंचाया और उसका इलाज कराया। महिला के परिजनों ने कहा, बीएसएफ के जवान देवदूत बनकर आए। नहीं तो पता नहीं दर्द और कितना सहना पड़ता।
जानकारी के मुताबिक, रविवार को 82वीं वाहिनी की सीमा चौकी हृदयपुर के कंपनी कमांडर को सूचना मिली की गांव हृदयपुर में पपिया शेख नाम की महिला को पैर में गंभीर चोट लगी है। कंपनी कमांडर ने बिना विलम्ब किए बीएसएफ की एक गाड़ी को नर्सिंग सहायक तथा महिला प्रहरी के साथ पपिया शेख के घर भेजा। वहां से घायल महिला को परिवार के सदस्यों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपरा ले कर गए। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने प्राथमिक जांच के बाद उसे भर्ती कर लिया। महिला की हालत अभी ठीक बताई जा रही है।
घायल महिला के परिजनों ने सीमा सुरक्षा बल के सहयोग के लिए हार्दिक आभार प्रकट करते कहा- बीएसएफ के जवान देवदूत बनकर आए। बीएसएफ सदैव जरूरतमंद लोगों की सहायता करती है। 82वीं वाहिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने बताया की सीमा सुरक्षा बल के जवान आंधी हो या तूफान दिन हो या रात अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हमेशा डटकर ड्यूटी करते हैं। इसके साथ ही सीमा पर रहने वाले लोगों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। जिसके चलते सीमा सुरक्षा बल और सीमावासियों के बीच आपसी सम्बन्ध और सहयोग हमेशा बना रहता है।
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जानकारी के मुताबिक, रविवार को 82वीं वाहिनी की सीमा चौकी हृदयपुर के कंपनी कमांडर को सूचना मिली की गांव हृदयपुर में पपिया शेख नाम की महिला को पैर में गंभीर चोट लगी है। कंपनी कमांडर ने बिना विलम्ब किए बीएसएफ की एक गाड़ी को नर्सिंग सहायक तथा महिला प्रहरी के साथ पपिया शेख के घर भेजा। वहां से घायल महिला को परिवार के सदस्यों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपरा ले कर गए। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने प्राथमिक जांच के बाद उसे भर्ती कर लिया। महिला की हालत अभी ठीक बताई जा रही है।
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घायल महिला के परिजनों ने सीमा सुरक्षा बल के सहयोग के लिए हार्दिक आभार प्रकट करते कहा- बीएसएफ के जवान देवदूत बनकर आए। बीएसएफ सदैव जरूरतमंद लोगों की सहायता करती है। 82वीं वाहिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने बताया की सीमा सुरक्षा बल के जवान आंधी हो या तूफान दिन हो या रात अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हमेशा डटकर ड्यूटी करते हैं। इसके साथ ही सीमा पर रहने वाले लोगों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। जिसके चलते सीमा सुरक्षा बल और सीमावासियों के बीच आपसी सम्बन्ध और सहयोग हमेशा बना रहता है।
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