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सीमा की सुरक्षा से शिखर तक: BSF की जांबाज बेटियां एवरेस्ट फतह को तैयार, ‘मिशन वंदे मातरम’ के तहत होगा अभियान
Wed, 20 May 2026 07:17 PM IST
Rahul Kumar
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar
Updated Wed, 20 May 2026 07:17 PM IST
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पर्वतारोही 'मिशन वंदे मातरम'
- फोटो : अमर उजाला
बीएसएफ की महिला पर्वतारोही 'मिशन वंदे मातरम' के तहत माउंट एवरेस्ट पर ऐतिहासिक चढ़ाई का प्रयास करेंगी। सीमा सुरक्षा बल, अपनी हीरक जयंती मना रही है। 1965 में स्थापित इस बल का वीरता, बलिदान और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का गौरवशाली इतिहास रहा है। बीएसएफ की हीरक जयंती समारोह के उपलक्ष्य में और भारत के राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, बीएसएफ की महिला पर्वतारोही टीम 'मिशन वंदे मातरम' के तहत माउंट एवरेस्ट पर ऐतिहासिक चढ़ाई का प्रयास करने जा रही है। यह अभियान सीमा सुरक्षा बल की एक ऐतिहासिक पहल है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय गौरव, नारी शक्ति वंदन और साहसिक भावना को बढ़ावा देना है।
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यह मिशन ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि यह बीएसएफ की किसी महिला पर्वतारोही टीम द्वारा माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई का पहला प्रयास है। इस उपलब्धि में राष्ट्रवाद का जोश भरने के लिए पर्वतारोही दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के शिखर से 'वंदे मातरम' का उच्चारण करेंगे। बीएसएफ की एवरेस्ट टीम में लद्दाख से एम/सीटी कौसर फातिमा, पश्चिम बंगाल से एम/सीटी मुनमुन घोष, उत्तराखंड से एम/सीटी रबेका सिंह और लद्दाख/कारगिल से एम/सीटी त्सेरिंग चोरोल शामिल हैं।
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देश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली और साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली ये चारों पर्वतारोही साहस, दृढ़ संकल्प, अनुशासन और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण की भावना का प्रतीक हैं। इस प्रतिष्ठित अभियान में उनकी भागीदारी चुनौतीपूर्ण परिचालन और साहसिक गतिविधियों में सीमा सुरक्षा बल की महिला कर्मियों की बढ़ती भूमिका और क्षमताओं को भी दर्शाती है।
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बीएसएफ की महिला टीम ने अनुकूलन चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। वर्तमान में साउथ कोल पर तैनात है। अनुकूल मौसम की स्थिति में, अंतिम शिखर चढ़ाई 21 मई की सुबह के लिए निर्धारित है। मिशन वंदे मातरम के माध्यम से, सीमा सुरक्षा बल राष्ट्रीय एकता, महिला सशक्तिकरण, देशभक्ति की प्रतिबद्धता और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संदेश देना चाहता है। इसके साथ ही राष्ट्र के युवाओं को उत्कृष्टता, दृढ़ता और मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करना, बीएसएफ की महिला टीम का मकसद है।