'हरामी नाले' पर बीएसएफ डीजी: भारत-पाक सीमा पर स्थित जोखिम भरे दलदल में अचूक चौकसी कर रहे सीमा सुरक्षा बल के जवान
हरामी नाला एरिया में तैनात बीएसएफ दल की पीठ थपथपाते हुए पंकज सिंह ने कहा, इस साल अभी तक बीएसएफ ने भुज के हरामी नाला क्षेत्र से 24 पाकिस्तानी मछली पकड़ने वाली नाव और सात पाकिस्तानी मछुवारों को पकड़ा है। उन्होंने कहा, यह बीएसएफ की सर्वत्र सतर्कता तथा सीमा सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है...
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सीमा सुरक्षा बल के जवान, भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर 'हरामी नाले' के दलदली इलाके की अचूक चौकसी कर रहे हैं। गुजरात के फॉरवर्ड क्रीक एरिया में स्थित इस सीमावर्ती इलाके की चौकसी करना आसान नहीं है। बीएसएफ जवानों को यहां पर दलदल के बीच गश्त करनी पड़ती है। हालांकि अब बल के पास कीचड़ में चलने वाली गाड़ियां मौजूद हैं। बीएसएफ डीजी पंकज कुमार सिंह अपने तीन दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे हैं। गुरुवार को उनके दौरे का दूसरा दिन था। उन्होंने हरामी नाले के सीमा क्षेत्र में पहुंचकर जवानों की पीठ थपथपाई।
महानिदेशक पकंज सिंह ने जवानों और अधिकारियों से बातचीत कर उनकी दिक्कतों को बहुत बारीकी से समझा। बीएसएफ डीजी ने हरामी नाला और सर क्रीक में तैनात 'बीएसएफ' ट्रूप्स की जरूरतों को चिन्हित कर उनके समाधान को तत्काल प्रभाव से मंजूरी प्रदान कर दी। डीजी ने बल के दूसरे आवश्यक मुद्दों पर चर्चा कर उनके हल के लिए अपनी स्वीकृति देने में समय नहीं लगाया।
जवानों के साथ रात बितायी
पंकज कुमार सिंह ने गुजरात फ़्रंटियर के दौरे के दूसरे दिन फॉरवर्ड क्रीक एरीया में भारत-पाकिस्तान सीमा की सुरक्षा व्यवस्था का जायज़ा लिया। इससे पहले महानिदेशक ने बॉर्डर के पिलर 1175 पर जवानों के साथ रात बितायी। उन्होंने क्रीक क्षेत्र में जवानों के समक्ष आने वाली समस्याओं के बारे में जाना। वे लखपत बॉर्डर के पिलर नंबर-1164, 1165, 1166 व 1169 पर पहुंचे। डीजी पंकज सिंह ने नाले की वर्टिकल एवं हॉरिजंटल ब्रांचेज और कैचमेंट एरिया के दलदली इलाक़ों में जवानों के साथ पैदल दौरा किया। बिंदुवार बॉर्डर डॉमिनेशन, बॉर्डर सिक्योरिटी और डिप्लॉयमेंट का निरीक्षण किया। एडमिनिस्ट्रेटिव और ऑपरेशनल ज़रूरतों की समीक्षा की गई।हरामी नाला एरिया में तैनात बीएसएफ दल की पीठ थपथपाते हुए पंकज सिंह ने कहा, इस साल अभी तक बीएसएफ ने भुज के हरामी नाला क्षेत्र से 24 पाकिस्तानी मछली पकड़ने वाली नाव और सात पाकिस्तानी मछुवारों को पकड़ा है। उन्होंने कहा, यह बीएसएफ की सर्वत्र सतर्कता तथा सीमा सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बीएसएफ, भारत की सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
हरामी नाला: घुसपैठ का आसान रास्ता
महानिदेशक ने कहा, रात-दिन इस मुश्किल इलाके की सुरक्षा में तैनात अधिकारियों एवं जवानों पर बीएसएफ तथा पूरे देश को गर्व है। पिछले माह हरामी नाला इलाके में घुसपैठ की सूचना मिलने पर बीएसएफ जवानों ने एक सर्च ऑपरेशन के तहत छह पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ लिया था। ये एक मुश्किल ऑपरेशन था। सभी मछुआरे कीचड़ में सने हुए थे। एयरफोर्स के चॉपर की मदद से जवानों को ऑपरेशन क्षेत्र में उतारा गया। जवानों को अपनी तरफ आता देख सभी मछुआरे मैंग्रोव के जंगल में छिप गए। बाद में जवानों ने 11 नावों को जब्त कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
'हरामी नाला' क्षेत्र, पाकिस्तान से भारतीय सीमा में घुसपैठ करने के लिए एक आसान रास्ता माना जाता है। यहां पर अनेकों बार पाकिस्तान की नाव और संदिग्ध सामग्रियां पकड़ी जाती रही हैं। ये करीब 20 किलोमीटर लंबा दलदल और पानी वाला क्षेत्र है। यहां पर उच्च गुणवत्ता वाली मछलियों की प्रजातियां मिलती हैं। पाकिस्तान की तरफ से अवैध तौर पर इन मछलियों का शिकार करने का प्रयास किया जाता है। हालांकि बीएसएफ द्वारा ऐसे सभी प्रयासों को विफल कर दिया जाता है।