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ब्रू-रियांग: सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल ने सरकार के फैसले को बताया स्थायी समाधान
Sun, 19 Jan 2020 01:32 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Sun, 19 Jan 2020 01:32 PM IST
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स्वराज कौशल
- फोटो : ANI
मिजोरम के 30 हजार से ज्यादा ब्रू-रियांग शरणार्थियों को स्थायी रूप से त्रिपुरा में बसाने के सरकार के फैसले पर सुषमा स्वराज के पति और मिजोरम के पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि यह तदर्थ समाधान नहीं बल्कि स्थायी समाधान है।
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1990 से 1993 के बीच मिजोरम के राज्यपाल रहे स्वराज ने कहा, 'यह समझौता एक समाधान है, जो अंतिम होने वाला है। यह बहुत महत्वपूर्ण है। इसके पीछे बहुत सारे नेक इरादे हैं। 23 साल से ज्यादा समय तक ब्रू लोग कैंप में रह रहे थे। समझौता उन्हें स्थायी रूप से बसाने के लिए है ताकि वे गरिमापूर्ण जीवन जी सकें। शिविरों से सबकुछ गायब था।'
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उन्होंने कहा, 'जो चीज गायब था वह घर है। जमीन गायब थी। लोगों का स्वास्थ्य और स्कूल गायब था। इस समझौते की सबसे अच्छी बात यह है कि यह एक तदर्थ व्यवस्था नहीं बल्कि स्थायी समाधान है।' कौशल ने यह भी रेखांकित किया कि यह समझौता सरकार की संवेदना और राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में देश के संकल्प को दर्शाता है।
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Swaraj Kaushal, Former Governor of Mizoram: The Bru-Reang agreement reflects the country’s foresight about national security. It reflects compassion of Government of India. pic.twitter.com/EKcZQGEbMc
— ANI (@ANI) January 19, 2020
कौशल से जब पूछा गया कि क्या समझौते में कोई राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला है तो उन्होंने कहा, 'इतने सालों में दिल्ली पूर्वोत्तर से बहुत दूर रही है और पूर्वोत्तर भी इससे काफी दूर रहा है। रियांग भारतीय नागरिक हैं। उनके रणनीतिक स्थान देखें। उनकी कुल जनसंख्या दो लाख है। एक लाख रियांग त्रिपुरा और 65,000 मिजोरम में हैं। ये 65,000 ब्रू शरणार्थी पहले सीमा पर फिर पूर्वी पाकिस्तान और अब बांग्लादेश में हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'वे सभी (ब्रू-रियांग) नदियों और भारत-बांग्लादेश सीमा पर हैं। तथ्य यह है कि रियांग उन जनजातियों में से एक है, जो आपकी रक्षा की पहली पंक्ति में आते हैं। आप उन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। मुझे खुशी है कि सरकार ने इसके बारे में सोचा।' इस संबंध में गुरुवार को एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे।