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महाराष्ट्र: राजभवन के नीचे मिला अंग्रेजों के जमाने का बंकर

Thu, 18 Aug 2016 03:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Updated Thu, 18 Aug 2016 03:54 AM IST
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British-era bunker discovered under Maharashtra Raj Bhavan
- फोटो : pti

मुंबई में महाराष्ट्र के राज्यपाल सी विद्यासागर राव का आवास राजभवन अचानक सुर्खियों में आ गया है। राजभवन के नीचे अंग्रेजों के जमाने का बंकर मिला है जिसमें 150 फुट लंबा गलियारा और 20 फुट ऊंचा गेट है। इस बंकर में कुल 13 कमरे हैं। अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसे ब्रिटिश शासन में वॉर रूम के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।

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 इस राजभवन में बीते 70 साल से कई राज्यपाल आए और इसमें रहकर चले गए। लेकिन, अब पता चला है कि इसमें एक बंकर भी है जो ब्रिटिश शासन में बनाया गया था। राजभवन के अधिकारी बताते हैं कि करीब तीन महीने पहले इस बंकर के  बारे में पता चला था। उसके बाद पीडब्लूडी विभाग को राजभवन की एक पुरानी दीवार तोड़ने के लिए कहा गया। जब दीवार तोड़कर तहखाने का लोहे का दरवाजा खोला गया तो 5 हजार वर्ग फुट में फैले भूमिगत महल का पता चला। उसके बाद राज्यपाल सी. विद्यासागर राव और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बंकर देखने पहुंचे। 
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बंकर की बनावट देखकर पता चलता है कि बंकर गोला बारूद रखने के लिए बनाया गया था। वहीं, कमरों में लोगों के रहने की भी व्यवस्था थी। कई कमरों पर शेल स्टोर, गन शेल, कार्टेज स्टोर की ततियां भी लगी हुई हैं। बंकर में जगह जगह लोहे की ग्रिल लगी है और दीवार चट्टान जैसी मजबूत लगती है। मालाबार हिल्स के इस राजभवन को पहले गवर्नर हाउस कहा जाता था। सन1885 से पहले तक ब्रिटिश गवर्नर गर्मी की छुट्टियां बिताने यहां आते थे। लेकिन 1947 में आजादी मिलने के बाद गवर्नर हाउस के बंकर को बंद कर दिया गया था। राज्यपाल के जनसंपर्क अधिकारी उमेश काशीकर ने बताया कि बुधवार को दिनभर खुला रखने के बाद सुरक्षा के लिहाज से शाम को तहखाना बंद कर दिया गया।

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नेपोलियन के आक्रमण के भय से अंग्रेजों ने बनाए गए थे बंक

British-era bunker discovered under Maharashtra Raj Bhavan
राजभवन में बंकर का पता चलने के बाद इसके तथ्यों को खंगाला जाने लगा है। कहा जा रहा है कि ब्रिटिशों को 18वीं सदी में बंबई पर नेपोलियन के आक्रमण का भय था। इसलिए इस तरह के बंकर बनाए गए थे। अंग्रेजों ने जो भूमिगत बंकर बनाए थे उसे मुंबई किला कहा जाता था लेकिन 1815 में वाटरलू की लड़ाई में नेपोलियन हार गया था। उसके बाद यह चिंता खत्म हो गई थी।

बता दें कि दक्षिण मुंबई में ऐसे कई तहखाने हैं जिसमें कई ऐतिहासिक राज दबे  हुए हैं। छत्रपति शिवाजी टर्मिनस मुंबई की पुरातन इमारत के पास भी इसी तरह का बंकर है। साल 2010 में भारतीय डॉक की पुरातन इमारत के पास इस तरह के बंकर का पता चला था। तत्कालीन डॉक विभाग की निदेशक आभा सिंह ने इसे एक अनमोल खजाना बताया था। हालांकि उसे फिर से बंद कर दिया गया है। डॉक भवन के बगल में सेंट जार्ज हॉस्पिटल के वार्ड नंबर पांच में डेढ़ किलोमीटर की सुरंग मौजूद है। इतना ही नहीं, पश्चिम नेवल कमांड मुख्यालय आईएनएस आंग्रे के पास भी सुरंग होने की बात सामने आई है।
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