फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Britain Christian Aid report says 1900 people lost their lives due to floods in North India

उत्तर भारत में इस वर्ष आई बाढ़ से 1900 लोगों की गई जान, 30 लाख से अधिक विस्थापित

Fri, 27 Dec 2019 10:27 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Fri, 27 Dec 2019 10:27 AM IST
विज्ञापन
Britain Christian Aid report says 1900 people lost their lives due to floods in North India
बाढ़ - फोटो : ANI

उत्तर भारत में इस वर्ष बाढ़ से 1900 लोगों की मौत हो गई और 30 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। एक नई रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि मौसम से जुड़ी इस प्रकार की घटनाएं जलवायु परिवर्तन के कारण हैं।

विज्ञापन


ब्रिटेन के एक संगठन ‘क्रिस्चन एड’ ने शुक्रवार को एक रिपोर्ट जारी की जिसमें कहा गया है कि चक्रवात फोनी जैसी भीषण मौसमीय घटनाओं से लगभग 70 हजार करोड़ रुपये (10 अरब डॉलर) का नुकसान हुआ और देश भर में एक करोड़ पेड़ उखड़ गए।
विज्ञापन


रिपोर्ट के अनुसार कि चक्रवात फोनी 20 वर्षों में भारत में आया सबसे शक्तिशाली तूफान था। यह तूफान दो से चार मई 2019 में भारत और बांग्लादेश पहुंचा। इसके असर से 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिपोर्ट में कहा गया कि मई और जून में एशिया में लगभग दो लाख करोड़ रुपये (28 अरब अमेरिकी डॉलर) का नुकसान हुआ। चक्रवात फोनी भारत और बांग्लादेश में आया, चीन के कुछ हिस्सों में 60 साल की तुलना में अधिकतम बारिश हुई वहीं उत्तर भारत में मजबूत मॉनसून से अनेक हिस्सों में बाढ़ आई जिसमें 1900 लोग मारे गए।

रिपोर्ट में कहा गया कि इसका एक कारण यह है कि ऐसा वातावरण जो गर्म हो वह अधिक जल वाष्प ग्रहण कर सकता है। दुनिया में अभी तक तापमान एक डिग्री सेल्सियस बढ़ा है। रिपोर्ट में कहा गया कि उत्तर भारत में आंधी तूफान सामान्य से 50 प्रतिशत बढ़े है और इसकी अवधि 80 प्रतिशत लंबी हुई है।


रिपोर्ट के अनुसार भारत में अधिक अप्रत्याशित और अत्यधिक बारिश की प्रवृत्ति उस बात को दर्शाती है जिसका पर्यावरणविदों ने अनुमान लगाया था कि जलवायु परिवर्तन के कारण ये घटनाएं होंगी। खासकर अगर उत्सर्जन में गिरावट नहीं आती तो। एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि अगर उत्सर्जन बढ़ता रहा तो इस सदी में मानसून की बारिश अधिक अप्रत्याशित हो जाएगी, यह 50 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी।

रिपोर्ट के अनुसार चक्रवात फोनी ने 34 लाख लोगों को विस्थापित करने के अलावा भारत और बांग्लादेश में एक करोड़ पेड़ों को नुकसान पहुंचाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed