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BRICS: 30 अप्रैल को होने वाली ब्रिक्स की बैठक में नहीं जाएंगे जयशंकर-डोभाल; जुलाई के लिए तय होना है एजेंडा
Mon, 28 Apr 2025 08:36 AM IST
ज्योति भास्कर
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 28 Apr 2025 08:36 AM IST
सार
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में कड़वाहट घुल गई है। इसी का नतीजा है कि आगामी 30 अप्रैल को होने वाली ब्रिक्स की बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल नहीं जाएंगे। जुलाई में होने वाले सम्मेलन के लिए इस बैठक में एजेंडा तय होना है।
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ब्रिक्स में नहीं जाएंगे जयशंकर-डोभाल
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनातनी के कारण एस जयशंकर और अजित डोभाल ब्राजील में होने जा रही ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों- राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) की बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। इनकी जगह भारतीय शेरपा भारत का नेतृत्व करेंगे।
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बुधवार को होने वाली इस बैठक में जुलाई में होने जा रहे ब्रिक्स सम्मेलन के एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाना है। दरअसल इस बर्बर आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की घोषणा की है। इस क्रम में पाकिस्तान के खिलाफ कूटनीतिक कार्रवाई के साथ ही जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने अभियान चला रखा है। कूटनीतिक कार्रवाई के इतर अन्य कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए बैठकों का दौर लगातार जारी है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहलगाम के गुनहगारों को कल्पना से भी बड़ी सजा देने की घोषणा के बाद भावी कार्रवाई को ले कर अटकलों का बाजार गर्म है। सरकारी सूत्र के मुताबिक इस हमले के बाद जयशंकर और डोभाल व्यापक सुरक्षा चिंताओं की निगरानी करने वालों में बेहद अहम हैं। इन्हें लगातार बैठकों में शिरकत करना पड़ा रहा है। यही कारण है कि विदेश मंत्री और एनएसए 30 अप्रैल की बैठक में शिरकत नहीं करेंगे।
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तैयारियों को दिया जाएगा अंतिम रूप
ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों और एनएसए की बैठक में जुलाई में होने जा रहे ब्रिक्स सम्मेलन के एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाना है। सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, रूस-यूक्रेन युद्ध, एआई, क्रॉस बोर्डर पेमेंट इनीशियेटिव, मल्टीलेटरल संस्थाओं में सुधार जैसे व्यापक विषय पर चर्चा होनी है।